डिजिटल पुलिसिंग: मप्र बना ई-जीरो एफआईआर लागू करने वाला दूसरा राज्य

भोपाल: साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली लागू कर दी गई है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “साइबर सुरक्षित भारत” के विज़न के अनुरूप है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में शुरू की गई इस व्यवस्था के साथ ही मध्यप्रदेश, दिल्ली के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया है जहाँ ई-जीरो एफआईआर प्रणाली लागू की गई है।

ई-जीरो एफआईआर सुविधा का उद्देश्य ₹1 लाख से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से एफआईआर स्वतः दर्ज हो जाती है, जिससे क्षेत्राधिकार से जुड़ी देरी समाप्त होती है और जांच तुरंत प्रारंभ हो पाती है।

इस व्यवस्था का औपचारिक शुभारंभ ग्वालियर में आयोजित अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट के दौरान किया गया, जहाँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसका उद्घाटन किया और पहली ई-जीरो एफआईआर की प्रति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपी। कार्यक्रम में केंद्र और राज्य के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।

नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत विकसित यह प्रणाली नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और CCTNS नेटवर्क को एकीकृत करती है। पीड़ित 1930 हेल्पलाइन या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जिन्हें डिजिटल रूप से संबंधित थाने तक भेजा जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह पहल साइबर अपराध के “गोल्डन ऑवर” में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित करने, ठगी की राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ाने और तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।

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