
छतरपुर। जहां एक ओर देश और दुनिया में क्रिसमस का पर्व उल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, वहीं छतरपुर शहर के बजरंग नगर क्षेत्र में भारतीय संस्कृति से जुड़ा एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। यहां स्थित एक कोचिंग सेंटर में यूकेजी, से लेकर कक्षा 6 तक के छोटे-छोटे बच्चों ने तुलसी पूजन कर हिंदू संस्कृति और संस्कारों के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने छोटे-छोटे गमलों में तुलसी के पौधे लगाए और उन्हें रंग-बिरंगी पेंटिंग व सजावट से सुंदर रूप दिया। नन्हे हाथों से बनाए गए चित्र और सजे हुए गमले बच्चों की रचनात्मकता के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति उनके प्रेम को भी दर्शा रहे थे। बच्चों ने पूरे श्रद्धा भाव से तुलसी माता की पूजा-अर्चना की और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
कोचिंग संचालिका ऋतु खरे ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों को केवल किताबी शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और पर्यावरण के महत्व को समझाना भी उतना ही आवश्यक है। ऋतु खरे ने कहा, “हम चाहते हैं कि बच्चे आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी परंपराओं को जानें और उनका सम्मान करें। तुलसी पूजन जैसे आयोजन बच्चों में सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।”
इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ी भारतीय संस्कृति की ओर अग्रसर है और परंपराओं को अपनाकर समाज को नई दिशा दे सकती है
