नई दिल्ली। 25 दिसंबर, 2025। प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली स्थित ऐतिहासिक ‘कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्प्शन’ का दौरा किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने ‘क्रिसमस मॉर्निंग सर्विस’ में शिरकत की और पवित्र प्रार्थना सभा का हिस्सा बने। दिल्ली के बिशप राइट रेवरेंड डॉ. पॉल स्वरूप ने प्रधानमंत्री की अगवानी की और देश में शांति व खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना की। चर्च परिसर में गूंजते क्रिसमस कैरोल्स और भजनों के बीच पीएम मोदी ने ईसाई समुदाय के लोगों से मुलाकात की और उनके साथ इस खुशियों भरे त्योहार की खुशियाँ साझा कीं।
प्रधानमंत्री ने अपने इस दौरे के अनुभवों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा कि क्रिसमस का त्योहार प्यार, शांति और दया का एक शाश्वत वादा लेकर आता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पवित्र अवसर हमारे समाज में आपसी मेलजोल और अच्छाई की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। पीएम मोदी ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि ईसा मसीह के विचार मानवता को नई उम्मीद और दयालुता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से प्रधानमंत्री का विभिन्न ईसाई त्योहारों और आयोजनों में शामिल होना विविधता में एकता की भारतीय परंपरा को मजबूती दे रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ईसाई समुदाय के प्रति उनके निरंतर बढ़ते संवाद का हिस्सा माना जा रहा है। 2023 में ईस्टर और क्रिसमस के दौरान भी उन्होंने विशेष कार्यक्रमों की मेजबानी की थी, वहीं 2024 में कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (CBCI) के समारोह में उनकी भागीदारी चर्चा में रही थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री का चर्च जाना केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत जैसे बहुसांस्कृतिक देश में सभी धर्मों के बीच आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक तालमेल को प्रोत्साहित करने का एक सकारात्मक संकेत है।

