
नई दिल्ली। 25 दिसंबर, 2025। बेंगलुरु से शिवमोगा जा रही एक निजी स्लीपर बस कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में हादसे का शिकार हो गई, जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। चश्मदीदों के अनुसार, एक बेकाबू कंटेनर ट्रक अचानक डिवाइडर लांघकर बस के उस हिस्से से टकरा गया जहाँ डीजल टैंक स्थित था। टक्कर इतनी भीषण थी कि पलक झपकते ही बस आग का गोला बन गई। बस में सवार 29 यात्रियों में से कई लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के चश्मदीद आदित्य ने बताया कि हर तरफ चीख-पुकार मची थी, लोग आग की लपटों के बीच फंसे थे और बस का दरवाजा जाम होने के कारण यात्री अंदर ही फंसकर रह गए।
लापरवाही और जानलेवा टक्कर: ट्रक ड्राइवर समेत दस लोगों ने गंवाई जान
पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, ट्रक चालक कुलदीप की भी इस दुर्घटना में मौत हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रक की सीधी टक्कर डीजल टैंक से होने के कारण तेल का रिसाव हुआ और आग तेजी से फैली। हादसे के दौरान बस चालक, कंडक्टर और कुछ यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। बेंगलुरु के गगन श्री, रश्मि और गोकर्ण की रक्षिता सहित कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद नेशनल हाईवे 48 पर लगभग 30 किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे राहत कार्यों में भी काफी बाधा उत्पन्न हुई।
बचाव कार्य और प्रशासन की कार्रवाई: पूरी तरह जलकर खाक हुई 32 सीटर बस
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर कंकाल में तब्दील हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी विकराल थी कि चाहकर भी बचाव कार्य संभव नहीं हो पा रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शवों की शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट का सहारा लिया जा सकता है क्योंकि आग के कारण उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन ने नेशनल हाईवे पर फंसे वाहनों को निकालने के लिए यातायात को डायवर्ट किया है और दुर्घटना के सही कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
