जेयू में शुरू होंगे पांच नए कोर्स, जबलपुर की तर्ज पर होगी नर्सिंग महाविद्यालयों की संबद्धता

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में शनिवार को कार्यपरिषद की बैठक हुई। बैठक में कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने लॉ के 9 शासकीय और 11 अशासकीय कॉलेजों को संबद्धता देने का प्रस्ताव रखा। ईसी ने निरीक्षण समितियों की रिपोर्ट के साथ स्थायी समिति की अनुशंसा पर लॉ के सभी 20 कॉलेजों को संबद्धता दे दी।

बैठक में सबसे पहले नवागत कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा का कार्यपरिषद सदस्यों ने स्वागत किया। इसके बाद आईटेड की तहत शिक्षा संस्थान शुरू करने का निर्णय लिया, जिसमें पांच नए कोर्स प्रारंभ होंगे। इसी तरह नर्सिंग महाविद्यालयों की संबद्धता के लिए आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के नियमों के आधार पर ही फीस लेने की सहमति बनी। इसके बाद कर्मचारियों के आवासों की रंगाई-पुताई का मुद्दा आया, इसमें आवास भत्ता बढ़ाने पर सहमति बनी। साथ ही स्पोर्ट्स शिक्षक और छात्रों के लिए ट्रैकसूट की राशि पहले से बढ़ाकर 1800 रुपए देने पर सहमति बनी। इसके बाद कुलगुरु ने कर्मचारी संघ के पत्र को ईसी में रखा। इस पर ईसी ने निर्णय लिया कि कार्यपरिषद का हवाला देते हुए शासन को पुन: मार्गदर्शन के लिए पत्र लिखा जाए। बैठक में कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा, कार्यपरिषद सदस्य डॉ. रवि अंबे, राकेश सहरिया, राजेन्द्र बांदिल, डॉ. नीलिमा सिंह चंदेल मौजूद रहीं।

*खुला लिफाफा, बने सह प्राध्यापक*

कार्यपरिषद की बैठक में कैरियर एडवासमेंट स्किम के तहत सहायक प्राध्यापकों के प्रमोशन का लिफाफा भी खुला। इसमें सहायक प्राध्यापक डॉ. सुशील मंडेरिया, डॉ. सपन पटेल, डॉ. निमिषा जादौन, डॉ. राशंकर, डॉ. जीके शर्मा का सहायक प्राध्यापक से सह-प्राध्यापक पद पर प्रमोशन किया गया।

*यह भी हुए निर्णय*

-प्रो. योगेश उपाध्याय के कुलगुरु कार्यकाल के लिए और दो वर्ष की वृद्धि की गई। यहां बता दें कि प्रो. उपाध्याय वर्तमान में आईटीएम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर हैं।

-कर्मचारियों का जमा होने वाला ग्रेच्युटी राशि में बैंक से 3 प्रतिशत मिलता है, इसलिए अब ग्रेच्युटी राशि एलआईसी में जमा की जाएगी। जहां से कर्मचारियों को ग्रेच्युटी राशि पर 7.5प्रतिशत का ब्याज मिलेगा।

-परीक्षा का काम देखने वाली मैसर्स अजमेर कंपनी के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए और बढ़ा दिया है।

-कर्मचारियों की वर्दी का भुगतान किया जाएगा।

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