रायपुर, 01 अप्रैल (वार्ता) खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने बुधवार को कहा कि खेलों की संस्कृति को लोकप्रिय बनाने के लिए, खेल मंत्रालय ग्रामीण इलाकों में गांव के स्पोर्ट्स क्लब खोलने को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। आज यहां ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में पत्रकारों से बातचीत में श्रीमती खडसे ने कहा कि खेल मंत्रालय का लक्ष्य हर गांव में स्पोर्ट्स क्लब बनाना है, “ताकि जमीनी स्तर पर खेलों का विकास हो सके। खेल मंत्रालय प्रत्येक गांव में स्पोर्ट्स क्लब शुरू करने की कोशिश कर रहा है और केंद्र सरकार इसमें आर्थिक मदद देगी।” उन्होंने कहा कि देश में खेलों की संस्कृति की अभी भी कमी है। उन्होंने कहा, “मैदान तो हैं, खासकर स्कूलों और कॉलेजों में; गाँवों में भी जगह की कोई कमी नहीं है, लेकिन बहुत कम लोग खेलते हैं। हमें इस स्थिति को बदलना होगा।”उन्होंने कहा कि सही आर्थिक प्रोत्साहन और मदद की जरूरत है, ताकि छोटे बच्चे खेलों को एक पेशे के तौर पर अपना सकें। उन्होंने बताया कि सरकार निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि खेलों और खिलाड़ियों को जरूरी मदद मिल सके।
खेल राज्यमंत्री ने कहा, “हम राज्य सरकारों के संपर्क में हैं, और उनसे आग्रह कर रहे हैं कि वे बैठकें आयोजित करें और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम करें। इससे निजी क्षेत्र खेलों को अपनाएगा और खिलाड़ियों को गोद लेना उनके ‘कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी’ (सीएसआर) कार्यक्रमों का एक अहम हिस्सा बन जाएगा।”
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के बारे में बात करते हुए श्रीमती खडसे ने कहा, “यह ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का पहला संस्करण है, फिर भी 30 राज्यों से 2000 से अधिक खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। कल मैंने जगदलपुर में खिलाड़ियों से बातचीत की; वे इंतजामों से खुश हैं। मैं इसके लिए ज़िला प्रशासन को बधाई देती हूं। ‘खेलो गेम्स’ में हमने हमेशा यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि खेलों का स्तर अंतरराष्ट्रीय स्तर के बराबर हो, ताकि खिलाड़ियों को बेहतरीन अनुभव मिल सके और उनकी क्षमताओं का विकास हो सके।” उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों में खेलों को लोकप्रिय बनाने से युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कामों की ओर मोड़ने में भी मदद मिलेगी, जिससे वे नक्सलवाद जैसी विनाशकारी विचारधाराओं से दूर रहेंगे।

