पानी को लेकर माकड़ोन-डेलची के ग्रामीण आमने-सामने

उज्जैन। जिले की नगर पंचायत परिषद माकडौन के अंतर्गत आने वाले ग्राम माकडौन एवं डेलची के ग्रामीण पैंतीसा डेम के पानी को लेकर आमने-सामने हो गए। बीती रात डेलची के ग्रामीणों ने माकड़ोन के ग्रामीणों की डेम पर लगी मोटरें उखाड फेंकी और पाईप तोड़ दिए। विवाद किया। मामले में शनिवार को माकड़ोन के ग्रामीणों ने धरना दिया। 2 घंटे से अधिक मुख्य मार्ग जाम रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश पर ग्रामीण माने। माकड़ोन थाना पुलिस ने डेलची के 15 ग्रामीणों पर नुकसानी, गाली गलौज, जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज किया है।

पैंतीसा डेम के पानी को लेकर विवाद हुआ है। कभी यह डेम डेलची ग्राम पंचायत के अधिन आता था। डेम की पाल का एक हिस्सा माकड़ोन गांव से लगा हुआ है। पानी के बंटवारे का यह विवाद पिछले 5-6 सालों से चल रहा है। डेलची के कृषकों का कहना है कि अगर बाहर के लोग पानी बराबर खिंचते रहेंगे तो उनकी फसलों का क्या होगा। डेम में वर्तमान में पानी की कमी है। ऐसे में बीती रात को डेलची के कृषकों ने माकड़ोन के कृषकों की वहां लगी मोटरें उखाड़ दी और उनमें लगे पाईप तोड़ दिए। माकड़ोन से डेलची की दूरी करीब 3 किलोमीटर है। इसी से एक बार फिर विवाद उठ खडा हुआ। पैंतीसा डेम के पानी को लेकर हुए विवाद के चलते माकड़ोन के किसानों ने मंडी गेट के बाहर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक यह धरना दिया गया। समर्थन में महिलाएं भी अपने काम छोडक़र प्रदर्शन में शामिल हो गईं। जाम के कारण सडक़ पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और आवागमन बाधित हुआ। माकड़ोन के किसानों का आरोप है कि डेलची गांव के किसानों ने बीती रात उनकी मोटर और पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाया। डेम के पानी के बंटवारे को लेकर माकड़ोन और डेलची गांव के किसानों के बीच पिछले करीब छह वर्षों से विवाद चल रहा है। रात के समय डेलची के कुछ लोगों ने डेम से माकड़ोन की ओर जा रही पाइपलाइन की मोटर उखाडक़र फेंक दी और कई पाइप तोड़ दिए।

मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम भेजी गई है जो नुकसान का आंकलन करेगी और पानी के विवाद को आपसी बैठक के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। माकडौन थाना प्रभारी प्रदीपसिंह राजपूत के अनुसार शिकायत पर पुलिस ने 15 ग्रामीणों के विरुद्ध नुकसानी, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

15 लोगों के खिलाफ किया प्रकरण दर्ज

इस घटना से किसानों को भारी नुकसान हुआ है और उनकी फसलों की सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई। सुबह जब करीब 35 से अधिक किसानों की पाइपलाइन टूटी हुई मिली तो आक्रोशित होकर माकड़ोन के 200 से ज्यादा किसानों ने चक्काजाम कर दिया। पूर्वान्ह से चक्काजाम दोपहर तक चला। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल के लिए अधिक पानी की आवश्यकता है। जबकि डेम में पानी की कमी बनी हुई है। इसी वजह से हर साल पानी के बंटवारे को लेकर दोनों गांवों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है। तहसीलदार नवीन कुंभकार ने बताया कि बीती रात कुछ किसानों द्वारा पाइपलाइन और मोटर नष्ट किए जाने की घटना सामने आई है। किसानों ने नुकसान की भरपाई और पानी के अधिकार की मांग की है मामले में पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।

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