नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आगामी 24 दिसंबर की सुबह 8:54 बजे श्रीहरिकोटा से अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3 के जरिए नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। ‘बाहुबली’ के नाम से मशहूर यह रॉकेट अपने साथ 6500 किलोग्राम वजनी ‘ब्लूबर्ड-6’ सैटेलाइट लेकर अंतरिक्ष में उड़ान भरेगा। यह अब तक का सबसे भारी कमर्शियल पेलोड है जिसे इसरो द्वारा लॉन्च किया जा रहा है। 14 मंजिला इमारत जितना ऊंचा यह रॉकेट 43.5 मीटर लंबा है और इसका कुल वजन 642 टन है। इस मिशन की शत-प्रतिशत सफलता का रिकॉर्ड रहा है, जो भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
इस मिशन की सबसे बड़ी विशेषता इसमें लगा ब्लूबर्ड-6 सैटेलाइट है, जो दुनिया के सबसे बड़े कमर्शियल एंटीना (2,400 वर्ग फुट) से लैस है। यह सैटेलाइट सीधे आपके स्मार्टफोन से कनेक्ट होकर हाई-स्पीड इंटरनेट प्रदान करने की क्षमता रखता है। पुराने सैटेलाइट्स की तुलना में यह 3.5 गुना बड़ा है और 10 गुना अधिक डेटा ट्रांसफर कर सकता है। इस तकनीक के सफल होने के बाद दुनिया के किसी भी कोने में मोबाइल पर सीधे सैटेलाइट इंटरनेट चलेगा, जिससे मोबाइल टावर की निर्भरता कम होगी। यह प्रोजेक्ट भारत सरकार की कंपनी ‘न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड’ (NSIL) के माध्यम से पूरा किया जा रहा है, जो वैश्विक बाजार में भारत की साख बढ़ाएगा।
यह मिशन एलन मस्क की कंपनी SpaceX के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अब तक ‘AST SpaceMobile’ जैसी बड़ी कंपनियां अपने सैटेलाइट लॉन्च करने के लिए मस्क की कंपनी पर निर्भर थीं, लेकिन अब उन्होंने भारत के भरोसेमंद LVM3 रॉकेट को चुना है। इससे पहले भी ‘वनवेब’ जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारत के माध्यम से अपने दर्जनों सैटेलाइट सफलतापूर्वक भेज चुकी हैं। AST SpaceMobile के प्रमुख एबेल एवेलन के अनुसार, भारत का रॉकेट न केवल किफायती है बल्कि बेहद सुरक्षित भी है। इस लॉन्चिंग के साथ ही इसरो भविष्य में 10 टन तक का वजन ले जाने की क्षमता विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

