
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कहा कि एक जज की पहचान उसका पहनावा नहीं होता बल्कि निष्पक्षता, ईमानदारी व न्याय के लिए प्रतिबद्धता ही उसकी मूल पहचान बनते हैं। इस दृष्टि से जस्टिस अचल कुमार पालीवाल का कार्यकाल चिरस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अपने कार्यकाल में निष्ठा और गंभीरता का परिचय दिया। साथ ही कई अहम आदेश पारित किए।
चीफ जस्टिस श्री सचदेवा हाईकोर्ट से 25 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने जा रहे जस्टिस अचल कुमार पालीवाल के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान अन्य सभी न्यायाधीश मंचासीन थे। असिस्टेंट सालिसिटर जनरल सुनील जैन, अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह, स्टेट बार चेयरमैन राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट बार के सचिव परितोष त्रिवेदी, हाईकोर्ट एडवेाकेट्स बार के अध्यक्ष संजय अग्रवाल व सीनियर एडवोकेट्स काउंसिल के महासचिव आदित्य अधिकारी ने जस्टिस श्री पालीवाला का व्यक्तित्व-कृतित्व रेखांकित किया। दरअसल मूलत: उत्तर प्रदेश निवासी जस्टिस अचल कुमार पालीवाल ने अपने सम्मान में आयोजित विदाई समारोह के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि मैं अति भाग्यशाली हूं, जो इतने पवित्र और प्रतिष्ठित संस्थान न्यायपालिका का अंग बना। मैंने कभी जज बनने का सपना नहीं देखा था। पढ़ाई के बाद पीएससी की तैयारी कर रहा था। इसके साथ ही सिविल जज का एग्जाम भी दे दिया और क्लियर कर लिया। फिर क्या था न्यायिक सेवा में आ गया। उसके बाद भी एक दिन हाईकोर्ट जज बनूंगा, यह नहीं सोचा था, किंतु ईश्वर की कृपा व माता-पिता के आशीर्वाद से यह मुकाम मिल गया।
