
ब्यावरा। जिले भर में कुत्तों का प्रकोप बढने से असुरक्षा का भाव बना हुआ है. आये दिन कुत्तों के काटने के मामले बढ़ रहे है. अकेले ब्यावरा सिविल अस्पताल में ही दिसम्बर माह के 18 दिन में 124 मामले सामने आये है.
गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों सहित नगर, कस्बों में कुत्तों के काटने के मामलों में बढ़ोत्तरी सामने आयी है. आये दिन राहगीरों पर कुत्तों के द्वारा हमला करने की घटनाएं सामने आ रही है. ब्यावरा के सिविल अस्पताल में 1 से 18 दिसम्बर के बीच 124 मामले आये. 18 दिसम्बर को एक ही दिन में अस्पताल में कुत्ते के काटने के 11 मामले आये.
चौराहों, सार्वजनिक जगहों पर कुत्तों का आतंक जिले में कुत्तों का कितना आतंक बना हुआ है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नवम्बर माह में जिले भर में कुत्ते के काटने के 720 मामले आये. नगर में चौराहों, सार्वजनिक स्थानों, कॉलोनियों, गली-मोहल्लों में अनेक जगह पर कुत्तो का आतंक है. वाहन, राहगीरों के पीछे दौड़ते
मुख्य मार्गो, कॉलोनियों, गली-मोहल्लों में कई ऐसी जगह है जहां पर से निकलने वाले वाहन चालकों, पैदल राहगीरों के पीछे कुत्ते दौड़ते हुए काट लेते है.
कुत्तों के बढ़ते आतंक के चलते कई जगह छोटे-छोटे बच्चों को लोग अकेला घर से बाहर नहीं जाने देते है.
हाथों में कोई सामान या खाद्य सामग्री होती है तो उसको भी कुत्ते झटपते हुए काट लेते है.
जिला महामारी नियंत्रक डा. महेन्द्रपाल सिंह के अनुसार ठंड के दिनों में प्रायः कुत्तों के काटने के मामले बढ़ जाते है, जिला चिकित्सालय सहित जिले के सिविल अस्पताल, शासकीय अस्पतालों में रेबिज इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता है.
गौवंश पर कुत्तों के हमले की हो रही है घटनाएं जिला मुख्यालय राजगढ़ के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बेसहारा गौवंश पर कुत्तो के हमले की घटनाएं बढ़ी है. आये दिन कुत्ते छोटे-छोटे बछड़ो पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे है. राजगढ़ के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों, हाईवे पर बड़ी संख्या में गौवंश की उपस्थिति है. प्रायः ग्रामीण क्षेत्रों में एवं हाईवे पर आये दिन कुत्ते गौवंश के बछड़ो पर हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर रहे है. बटेरी माता के समीप, पीपलबे आश्रम, बानपुर के आसपास आदि स्थानों पर कुत्तो के झुंड के झुंड देखे जा सकते है जिनके द्वारा आये दिन बेसहारा गौवंश को निशाना बनाया जा रहा है.
