जबलपुर: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में बुधवार शाम औचक निरीक्षण के दौरान कर्मचारी संजय यादव ने कुलगुरु के साथ अभद्र व्यवहार कर दिया। इस गंभीर मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कर्मचारी संजय यादव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद् की बैठक में इस घटना पर विस्तार से चर्चा की गई।
सदस्यों ने एकमत से कहा कि इस प्रकार की घटनाएं विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं और दोषी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने संजय यादव को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संजय यादव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।साथ ही राजभवन से प्राप्त पत्र के अनुसार राजेन्द्र शुक्ला के मामले में भी कार्रवाई को संज्ञान में लेते हुए कुलसचिव को शीघ्र अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
औचक निरीक्षण के दौरान की अप्रत्याशित हरकत
राजभवन के प्रतिनिधि एवं रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा बुधवार शाम लगभग 4.15 बजे लेखा शाखा का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां पहुंचे पूर्व लिपिक संजय यादव ने अचानक कुलगुरु की कमर में हाथ डालकर उन्हें अपनी ओर खींचने का प्रयास किया। इस अप्रत्याशित हरकत से कुलगुरु असहज हो उठे और मौके पर मौजूद अधिकारी भी स्तब्ध रह गए।
पहले से चल रही है अनियमितताओं की जांच
विदित है कि संजय यादव पूर्व में लेखा शाखा में पदस्थ था, लेकिन अनियमितताओं की शिकायत के बाद उसे वहां से हटा दिया गया था। उसकी भूमिका की जांच के लिए पहले से ही एक समिति गठित है।
विश्वविद्यालय में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर संजय यादव पर पुलिस में आपराधिक प्रकरण दर्ज है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांच टीम ने विश्वविद्यालय में अपराधिक प्रकरण दर्ज वाले लोगों को हटाने के लिए आदेशित किया था, लेकिन आज भी वह विश्वविद्यालय में कार्य कर रहा है।
