इंदौर: शहर में पार्किंग की समस्या लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है. शहर में वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ, अपर्याप्त पार्किंग सुविधाएं चालानी कार्रवाई का कारण बन रही हैं. प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए कदम उठाने चाहिए. शहर के खासकर व्यस्त बाजारों में नई पार्किंग सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है. यह मल्टी-लेवल पार्किंग, भूमिगत पार्किंग, या मौजूदा खाली जगहों को पार्किंग स्थल में बदलकर किया जा सकता है.
शहर में लगातार बढ़ते वाहनों और अव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था के कारण शहर की यातायात स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है. प्रमुख सडक़ों, बाजारों और चौराहों पर सडक़ किनारे खड़े वाहन आम बात हो गई है, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बन रही है. शहर में दोपहिया और चार पहिया वाहनों की संख्या बढऩे के साथ-साथ सुव्यवस्थित पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है.
बाजार क्षेत्रों में खरीदारी करने आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिलती, मजबूरी में वाहन सडक़ पर खड़े करने पड़ते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है. इस अव्यवस्था का असर स्कूली बच्चों, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है. कई इलाकों में कुछ ही किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को लंबा समय लग रहा है, जिससे आमजन परेशान हैं.
यह बोले नागरिक…
शहर में सडक़ें चौड़ी करने के लिए सैकड़ों भवन तोड़े जा रहे हैं, लेकिन पार्किंग को लेकर आज भी यातायात विभाग और प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है. परिणामस्वरूप सडक़ों पर पार्किंग आम बात है, जिसका प्रमुख उदाहरण खजूरी बाजार है.
– अमित खन्ना
प्रशासन को मल्टी लेवल पार्किंग, नो-पार्किंग जोन पर सख्ती बरतते हुए अवैध पार्किंग पर जुर्माना और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार जैसे ठोस कदम उठाने चाहिए. निजी खाली स्थानों पर आम लोगों के लिए पार्किंग बनवाना चाहिए.
– आशीष पवार
आज चार पहिया वाहन तो शहर में ले जाना नामुमकिन सा हो चुका है. विस्फोटक स्थिति देखते हुए यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है.
– रईस खान
