ब्यावरा। मुफ्त में मिला धन इंसान की बु़ि़़द्ध को भ्रष्ट कर देता है, इसलिए आपके पास किसी भी प्रकार का धन आता है, जिसमें आपके भाग्य का हिस्सा होता है, उसी को उपयोग करों बाकि गौमाता की सेवा में या अन्य पुण्य के कार्य में लगा देना चाहिए.
उक्त उद्गार ग्राम तलावली में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर पंडित प्रभुजी नागर ने व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि निंदा करने वाला इंसान अपनों को ही नहीं छोड़ता है तो आप और हमें क्या छोड़ेगा.
जिस घर में भजन होते वहां सारे तीर्थ
पं. नागर ने कहा कि जहां पर सतोगुण होता है, वहां पर इंसान की तीन-तीन पीढ़ी एक ही छत के नीचे रहती है, एक ही चूल्हे पर उनका भोजन बनता है, समझ लो कि इस घर पर रोज सोना का सूर्य उगता है. जहां रोज भगवान के भजन होते है, उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है. उनके घर पर ही सारे तीर्थ है. कथा के समापन अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु भागवत कथा को सुनने पहुंचे. धर्मप्रेमी नागरिकों के साथ ही पुलिस प्रशासन का अमला भी व्यवस्था में लगा रहा.
