सिंगरौली:जिले के ग्राम पंचायत गोभा निवासी लाल जी बैगा के साथ वन विभाग के कर्मचारी द्वारा कथित रूप से बेरहमी से मारपीट किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारी सुशील बुनकर सहित अन्य कर्मचारियों ने लाल जी बैगा को वन चौकी ले जाकर बंद कमरे में मारपीट की, जिससे उसके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं और एक हाथ टूट गया है।
घटना दिनांक 9 दिसंबर की बताई जा रही है। पीड़ित आदिवासी बैगा युवक द्वारा घटना के बाद से लगातार न्याय की गुहार लगाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। फरियादी द्वारा थाना एवं संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिए जाने के बावजूद केवल जांच का आश्वासन ही दिया जा रहा है, जिससे पीड़ित परिवार और समाज में भारी आक्रोश है।
इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी सिंगरौली के पूर्व जिला अध्यक्ष रतीभान प्रसाद ने वन विभाग एवं पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बैगा जनजाति भारत सरकार द्वारा विशेष संरक्षित जनजाति है और ऐसे समुदाय के व्यक्ति के साथ इस तरह की अमानवीय मारपीट अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने मांग की है कि मामले में संलिप्त समस्त वन चौकी कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें निलंबित किया जाए तथा निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
आप नेता रतीभान प्रसाद ने जिला प्रशासन एवं पुलिस अधीक्षक से मामले में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा दोषी वन विभाग के कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कर सख़्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आम आदमी पार्टी बैगा जनजाति के मान-सम्मान की रक्षा के लिए पार्टी के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।घटना ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि पीड़ित को न्याय कब और किस रूप में मिलता है।
