खंडवा: मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां तीन घरों में आग लग गई। एक किसान जिंदा जल गया। आग लगने के दौरान वह घर में अकेला था। आसपास की एक दर्जन फायर ब्रिगेड आग बुझाने में जुटी हैं।नर्मदा नगर थाना क्षेत्र के ग्राम सक्तापुर की है। सुबह करीब 5.30 बजे गांव में सभी सो रहे थे। आग और धुआं देखकर दो घरों के लोग जाग गए। जान बचाकर बाहर निकल आए। तीसरे घर में 50 वर्षीय सूरज राठौर अकेले थे।आग इतनी तेजी से फैली कि सूरज बाहर नहीं निकल पाए। उनकी जिंदा जलकर मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बाल्टी लेकर पानी डाला
आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। फायर ब्रिगेड में पाइप नहीं थे। ग्रामीणों ने बाल्टी लेकर पानी डाला। टैंकर से बाल्टी भरते लोग देखे गए।
बाप रे! इतनी
बड़ी लापरवाही?
ग्रामीणों का कहना है कि मूंदी और ओंकारेश्वर से पहुंची फायर ब्रिगेड में पानी खींचने के लिए पाइप नहीं था। एक बार वह खाली हुई तो लोग जलाशय से पानी भर नहीं पा रहे थे। फायर ब्रिगेड के पिछले हिस्से में एक पाइप और मोटर पंप रहता है, जो कि खाली होने पर किसी जलस्त्रोत से तत्काल भरने के लिए होता है। लेकिन इन फायर ब्रिगेड में पाइप ही नहीं था। ग्राम पंचायत के टैंकरों से ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी निकाला और फायर ब्रिगेड में भरा है।
अलसुबह प्रशासन
और पुलिस पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही टीआई विकास खिंची, तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। आग बुझाने के लिए मूंदी,पुनासा,ओंकारेश्वर और संत सिंगाजी थर्मल प्लांट से कुल 6 फायर ब्रिगेड बुलाई गईं, जो आग बुझाने में जुटी हैं। घरों में रखा गृहस्थी का पूरा सामान जलकर राख हो चुका था।
सूरज की दर्दनाक मौत
सक्तापुर के सरपंच सुनील राठौर के मुताबिक, गांव के तेली राठौर समाज के 3 घरों में आग लगी है। सभी परिवार खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं। सुबह 7 बजे परिवार के कुछ लोग बाड़े तरफ चले गए थे। वहीं, कुछ सो रहे थे।
दो घरों में सोए हुए लोगों को तो उठा लिया था। लेकिन एक घर में सूरज का ध्यान नहीं रहा, वो आग की चपेट में आकर जल गया, जिससे उसकी मौत हो गई। सूरज घर में अकेला था। उसकी मां कुछ दिनों से बेटी के घर इंदौर गई हुई है।
