
जबलपुर। करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले अमित खम्परिया को रिमांड के दौरान पुलिस नागपुर ले गई थी। जहां उसने फरारी काटी उस अपार्टमेंट की सर्चिंग की गई जहां से पुलिस ने उसके कारोबार और धोखाधड़ी से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए। काला चिट्ठा जुटाने के बाद पुलिस आरोपी को जबलपुर लेकर आई। रिमांड खत्म होने पर सोमवार को पुन: उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब्त दस्तावेजों में माइनिंग, धोखाधड़ी व अन्य शामिल है। जिसका पुलिस आवलोकन कर रही है। जिसमें अब तक की जांच में यह बात सामने आ रही है कि आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। अमित के फैले काले कारोबार में शामिल कुछ नए नाम पुलिस के हाथ लगे है। जिसकी तस्दीक चल रही है।
फायर आर्म्स नहीं मिले
पुलिस ने पीडि़तों को डराने, धमकाने में इस्तेमाल किए गए फायर आर्म्स की बरामदगी के लिए नागपुर से लेकर जबलपुर, उमरिया, ग्वारीघाट समेत कई ठिकानों पर दबिश दी, सर्चिंग की गई परंतु पुलिस को फायर आर्म्स नहीं मिल सके। अमित ने बंदूकधारियों के दम पर कई पीडितों को डराया है यहां तक की उन्हें बंधक तक बनाया था। बंदूकों और धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेजों को जब्त करने पुलिस ने प्रयास किए लेकिन अमित गुमराह कर अपने बयान बार बार बदलता रहा जिसके चलते पुलिस आर्म्स नहीं बरामद कर पाई।
कोतवाली को नहीं मिली रिमांड-
अमित पर अवैध उत्खनन, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत अमित खम्परिया के खिलाफ कुल 17 अपराध दर्ज है। संजीवनी नगर एवं मदनमहल थाने में दर्ज अपराध में वह लंबे समय से फरार था जिसे नागपुर से गिरफ्तार किया गया था। 15 तक उसे रिमांड पर लिया गया था जब रिमांड खत्म होने पर उसे पेश किया गया तो कोतवाली थाने में दर्ज धोखाधड़ी के प्रकरण में वहां की पुलिस ने उसकी रिमांड मांगी लेकिन रिमांड नहीं मिली।
