
जबलपुर। पनागर में रविवार को संदेह के आधार पर पकड़े गए सातों जमातियों की चार राज्यों की पुलिस ने लंबी जांच पड़ताल की। इसके बाद सोमवार को सातों को पुलिस ने छोड़ दिया है। जमातियों के आधार कार्डों से लेकर मोबाइल सीडीआर, फारेंसिक जांच कराई गई। जबलपुर के साथ उत्तराखंड, झांसी, दिल्ली पुलिस ने भी छानबीन की। इसके बाद सातों जमातियों को क्लीन चिट देकर छोड़ दिया है। उनके पास से कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है।
विदित हो कि बजरंग दल के कार्यकर्ता रविवार को दोपहर में पनागर के शिशु मंदिर के पास एक गोशाला में थे। तभी उन्होंने देखा कि पठानी मोहल्ला की ओर से सात लोग पैदल जा रहे थे इनके पास एक पुरानी साइकिल और 20 बड़े थैले थे। अपरिचित चेहरे और बड़े-बड़े थैले देखकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने रोका था। संगठन ने आरोप लगाया कि सातों किसी अवैध गतिविधियों के चलते जा रहे है। जिसके बाद मामले की सूचना देकर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस सभी को थाने लेकर चली गई थी। पूछताछ में यह बात सामने आई कि वे दिल्ली से बस से झांसी पहुंचे थे। इसके बाद सागर और फिर शुक्रवार को जबलपुर पहुंचे थे। जबलपुर में जमाती गोहलपुर की एक मस्जिद में रुके थे।
देर रात बयान, दोपहर तक तफ्तीश, शाम को छोड़ा
पुलिस ने जमातियों से देर रात तक पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। उनमें मोहम्मद इमरान, शाहिद अली, मोहम्मद उमर, सुहैल अरशी, मोहम्मद अरशद, शाहबुद्दीन और महमूद खान शामिल थे। इनमें से पांच दिल्ली के निवासी थे। जबकि दो उत्तराखंड, झांसी के रहने वाले थे। पनागर पुलिस ने अपनी जांच पड़ताल करने के बाद उत्तराखंड, झांसी, दिल्ली पुलिस से भी संपर्क किया जिसके बाद वहां की भी पुलिस ने भी वेरिफिकेशन किया।
इनका कहना है
सातों जमातियों के बैग के सामान, पहचान पत्र की जांच की गई है। आधार सेंटर से उनके आधार कार्ड की जांच हुई। फारेसिक, सीडीआर की जांच के साथ वेरिफिकेशन कराने के बाद कोई गड़बड़ी सामने नहीं आने पर सभी को छोड़ा गया। उत्तराखंड, झांसी, दिल्ली पुलिस से भी संपर्क कर जांच कराई गई। परिजनों को बुलाया गया जिनके सुपुर्द सभी कर दिया गया है।
सुश्री राजेश्वरी कौरव, सीएसपी, अधारताल
