
रतलाम। जिले के एक किसान परिवार ने गौसेवा के लिए पूरी फसल को गौशाला में दान की हैं। उनके पास खेती के लिए 5 बीघा जमीन हैं। इस पर किसान ने पूरे खेत पर इस बार ज्वार-बाजरा को बोया। जब फसल तैयार हुई तो उपयोगतानुसार गौशाला में फसल पहुंचाकर पूरी फसल को गायों के लिए दान की।
ग्राम पंचेड के किसान बसंतीलाल राजपुरोहित गौभक्त माने जाते हैं। परिवार पूर्व में गौसेवा के लिए अनेक प्रयास से प्रयास करते आए हैं। इस पर उन्होंने पूरी फसल गौशाला को देकर मिशन पेश की इस वर्ष जब सोयाबीन फसल का समय आया तो बसंतीलाल राजपुरोहित की धर्मपत्नी श्रीमती श्रीकांता राजपुरोहित ने कहा कि गोवंश कम हो रहे है। इसके लिए गो माता नंदी महाराज जो गोशाला में रहते हैं। उनके लिए हरा चारा लगाना चाहिए। इस पर बसंतीलाल राजपुरोहित ने सहमति दी। पुत्र करुणेश राजपुरोहित ने बताया कि हमारी जमीन पर इस वर्ष 100 प्रतिशत देसी ज्वार,बाजरा व हरा चारा उगाया। यह पौधा मीठा होता है और गौमाता को खाने में उचित होता हैं। हरा चारा, ज्वार तथा बाजरा के बड़ा होने पर दाने बन रहे हैं तो पक्षियों की कई प्रजाति को इस दाने से भोजन की प्राप्ति हुई ।
खरीफ की सफल को ट्रॉलियों से पहुंचाया गौशाला
करुणेश राजपुरोहित ने बताया कि फसल के तैयार होने पर हमने आसपास की गौशाला में सपंर्क कर उपयोगीता की जानकारी ली। इसके बाद 2 ट्रैक्टर ट्राली हरा चारा सैलाना गौशाला, 2 ट्रैक्टर ट्रॉली हरा चारा नामली गौशाला, 1 ट्रैक्टर ट्राली हरा चारा इशरतूनी गौशाला , 2 ट्रैक्टर ट्राली हरा चारा शीतल तीर्थ धामनोद गौशाला में, 1 पिकअप हरा चारा बोदिना गौशाला में ज्वार बाजरा हरा चारा दान किया। करीब 8 ट्रॉली हरा चारा ज्वार, बाजरा दान किया । उन्होंने बताया कि प्रत्येक ट्राली में लगभग 3 से 5 क्विंटल दाने की मात्रा भी है ,जो गोवंश के लिए बांटे का कार्य भी करेगा।
अन्य किसान करें गौशाला में सहयोग
करुणेश राजपुरोहित ने बताया कि भावना यह है की इससे प्रेरणा लेकर धर्मप्रेमी अन्य किसान भी अपने खेत पर 5 से 10 प्रतिशत हरा चारा लगाकर गोवंश को हरा चारा दान करे। गोवंश बचेगा तो आने वाली पीढ़ी गोबर, गोमूत्र से जैविक खेती कर पाएगी, जिससे आने वाली पीढ़ी स्वस्थ रहेगी और देश खुशहाल होगा। श्री पुरोहित ने बताया कि हमने जानकारी मिली थी कि हरे चारे की कमी रहती है।
