ग्वालियर : शहर का व्यस्ततम पड़ाव चौराहे पर भीषण गर्मी और बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नगर निगम ने एक नई पहल की है। पड़ाव चौराहे पर स्थापित किए गए ‘मिस्ट स्प्रे सिस्टम’ का ट्रायल बुधवार रात को किया गया ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। इस सिस्टम के शुरू होने से न केवल धूल के कणों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा, बल्कि सिग्नल पर खड़े वाहन चालकों को तपती गर्मी में ठंडक का अहसास भी होगा।
पीक आवर्स में 3 घंटे चलेगा सिस्टम
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल की सफलता के बाद अब गुरुवार से इसे नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। यह सिस्टम विशेष रूप से दोपहर के ‘पीक आवर्स’ समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चलाया जाएगा, जब सूरज की तपिश और वाहनों का दबाव सबसे अधिक होता है।
कैसे काम करता है यह सिस्टम
मिस्ट स्प्रे सिस्टम में लगे नोजल्स के जरिए पानी की बेहद बारीक बूंदों की बौछार की जाती है। यह तकनीक दो तरह से काम करती है। हवा में पानी के बारीक कण मिलने से चौराहे के आसपास का तापमान 3 से 5 डिग्री तक कम हो जाता है।
यह बौछार हवा में तैरने वाले धूल के कणों को जमीन पर बैठा देती है, जिससे हवा शुद्ध होती है और प्रदूषण भी नियंत्रण रहता है।
इन चौराहों पर लगाने की योजना
पड़ाव चौराहे पर सफलता मिलने के बाद प्रशासन शहर के अन्य प्रमुख और घने यातायात वाले चौराहों जैसे फूलबाग, गोले का मंदिर और महाराज बाड़ा पर भी इस तरह के सिस्टम लगाने पर विचार कर रहा है।
इनका कहना है..
ग्वालियर में गर्मी और धूल की समस्या को देखते हुए यह एक प्रभावी कदम है। पड़ाव चौराहे पर ट्रायल सफल रहा है गुरुवार से नागरिक इसके प्रभाव को महसूस कर सकेंगे।
