एमपीएसईबी भर्ती परीक्षा के सवाल कटघरे पर

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व एमपीएसईबी की उत्तराधिकारी कंपनियों में क्लास-3 और क्लास-4 पदों की भर्ती परीक्षा में सवाल नंबर 16 और 25 के गलत अंकन को लेकर दायर याचिकाओं पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस दीपक खोत की एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि परीक्षा आयोजक को याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों का विशेषज्ञों के माध्यम से पुन: परीक्षण कराये और यदि आपत्तियां सही पाई जाती है तो अंक प्रदान कर संशोधित मैरिट लिस्ट जारी की जाये, तब तक के लिये न्यायालय चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।

हाईकोर्ट में यह मामले अर्पित साहू, संतोष कुमार मिश्रा, सौरभ गुरु, विभोर त्रिपाठी और आकाश पांडे की ओर से दायर किये गये थे। जिनकी ओर से अधिवक्ता हितेन्द्र गोल्हानी ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ताओं का दावा था कि परीक्षा परिणाम में कई सवालों के उत्तरों को गलत चिह्नित किया गया, जिससे उनके ओबीसी-ओपन श्रेणी में चयन की संभावना प्रभावित हुई। आवेदकों की ओर से कहा गया कि मॉडल आंसर की जारी होने के तुरंत बाद आपत्तियां दर्ज की थीं, लेकिन अधिकारियों ने इन्हें सवाल नंबरों के आधार पर अस्वीकार कर दिया। दलील दी कि आपत्तियां समय पर जमा की गई थीं और कोई प्रक्रियागत चूक नहीं हुई। तर्क दिया कि अधिकारियों ने आपत्तियों को संक्षिप्त तरीके से खारिज किया, जबकि सामग्री उनके दावों का समर्थन करती है। उन्होंने अदालत से प्रक्रिया की समीक्षा और उत्तरों का मूल्यांकन करने की मांग की। वहीं अनावेदकों की ओर से फुल बेंच फैसले का हवाला देते हुए कहा कि न्यायिक समीक्षा विशेषज्ञों के निर्णय पर नहीं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया पर सीमित है। कोर्ट ने इस सिद्धांत को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि वह स्वयं उत्तर सुधार नहीं कर सकता, लेकिन यदि उत्तर स्पष्ट रूप से गलत पाए जाते हैं, तो पुन: जांच का आदेश दे सकता है। जिसके बाद न्यायालय परीक्षा आयोजक एमपी ऑनलाईन लिमिटेड को निर्देशित किया कि वह याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों का विशेषज्ञों से परीक्षण कराये। यदि आपत्तियां सही पाई जाती हैं, तो मॉडल आंसर की में संशोधन कर उचित अंक प्रदान किए जाएं। इसके बाद संशोधित मेरिट लिस्ट तैयार की जाए और चयनित उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर उनकी आपत्तियां सुनी जाएं। यह पूरी प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी कर मप्र शासन व मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को सौंपी जाये।

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