नई दिल्ली, 13 दिसंबर, 2025: भारत और चीन के बीच कूटनीतिक स्तर पर सकारात्मक गति देखने को मिली, जब विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (ईस्ट एशिया), सुजीत घोष, 11-12 दिसंबर को चीन के दौरे पर पहुँचे। उन्होंने चीनी उप विदेश मंत्री सन वेइदोंग सहित विदेश और वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संवाद को आगे बढ़ाना, आपसी विश्वास को मजबूत करना और सहयोग के क्षेत्रों में काम करना था।
बैठकों को रचनात्मक और भविष्य की दिशा तय करने वाली बताया गया। दोनों देशों के अधिकारियों ने नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण मानते हुए, लोगों से जुड़े मुद्दों और व्यापारिक संपर्कों में सकारात्मक प्रगति को आगे ले जाने की जरूरत पर सहमति जताई। भारतीय पक्ष ने विशेष रूप से एक्सपोर्ट कंट्रोल से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया।
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण और उपयोगी रही। चीनी पक्ष ने अगस्त में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों में नई दिशा देने वाला बताया। दोनों देशों ने आपसी सम्मान और संवाद को प्राथमिकता देते हुए मतभेदों का बेहतर प्रबंधन करने पर सहमति जताई। भारत ने संस्थागत संवाद को बहाल करने और रिश्तों में स्थिरता लाने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

