मुंबई, 11 दिसंबर (वार्ता) अभिनेत्री संदीपा धर ने अपनी कश्मीर यात्रा की भावुक यादें प्रशंसकों के साथ साझा की है। संदीपा धर ने हाल ही में अपनी कश्मीर यात्रा का बेहद भावुक यादें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उस जगह के बारे में भी बताया, जहां कभी उनका परिवार रहता था, और फिर वहां से निकलने के बाद फिर कभी वे वापस लौट ही नहीं पाए। बचपन से अपने माता-पिता की कहानियों और पुरानी तस्वीरों के ज़रिए जिस कश्मीर को संदीपा जानती थीं, इस बार उसका सजीव अनुभव उनके लिए अपनी पहचान के साथ अपनी यादों और अपनेपन की गहरी खोज बन गई। संदीपा धर ने अपनी पोस्ट में लिखा है, “कश्मीर… एक ऐसा घर, जिसे मैंने सिर्फ अपने माता-पिता की कहानियों और फीकी पड़ चुकी तस्वीरों के ज़रिए जाना था।”
पोस्ट में साझा की गई तस्वीरों में संदीपा उसी विशाल पेड़ के नीचे खड़ी हैं, जिसके नीचे कभी उनका परिवार पिकनिक मनाया करता था। वे उस घर को भी देख रही हैं, जिसे उनके माता-पिता ने “सोना बेचकर और हर बची हुई कमाई जोड़कर, ईंट–ईंट लगाकर बनाया था।” संदीपा ने माता खीर भवानी मंदिर में भी प्रार्थना की, जहां उनका परिवार हर हफ्ते जाया करता था, तब तक… जब तक उन्हें सब कुछ छोड़कर जाना नहीं पड़ा।उन्होंने लिखा , “मैंने नगीन झील पर शिकारा चलाया, चश्मे शाही का मीठा झरने का पानी पिया, और निशात गार्डन, पहलगाम और गुलमर्ग में घूमी… वे जगहें जो मेरे परिवार की यादों में तीस साल से ज़िंदा थीं।”
संदीपा धर ने लिखा है, “सब कुछ बदल गया है और फिर भी कुछ नहीं बदला। बागान अब उतने भरे नहीं, घर खाली खड़ा है… पर अजीब तरह से लगा कि मैं हमेशा से यहीं की हूँ।” उन्होंने लिखा है, “यह अजीब है कि एक जगह जिसे आप मुश्किल से जानते हों, वह आपके हिस्से अपने भीतर संभाले रखे। पता नहीं मैं फिर कब लौटूंगी, पर इन चंद दिनों में अपने परिवार के अतीत के बीच रहना ऐसा था जैसे किसी ऐसे घर लौट आई हूँ, जिसकी कमी मुझे अभी तक समझ ही नहीं आई थी।
प्रेम

