भैरूंदा। कृषि उपज मंडी में व्यापारियों के पुराने व कबाड़ के वाहनों से मंडी परिसर भरा हुआ है. जिसके कारण मंडी परिसर उपज नीलामी के लिए कम पड़ रहा है. किसानों को उपज नीलामी के लिए नवीन कृषि उपज मंडी जाना पड़ रहा है जो परेशानी का सबब बन रहा है.
जबकि कृषि उपज मंडी में व्यापारियों के पुराने व कबाड़ वाहन देखे जा सकते हैं वहीं सफाई व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है. कबाड़ बहनों के चलते उनके नीचे गंदगी तो पसरी रहती ही है वहीं किसानों के बहनों को लगाने में भी काफी परेशानियां होती है लेकिन इतना सब कुछ होने के बावजूद भी मंडी प्रशासन क्यों पुराने कबाड़ वाहन को नहीं हटवा पा रहा है जो किसानों में चर्चा के विषय बना हुआ है. आदर्श कृषि उपज मंडी में वैसे तो उपज नीलामी के लिए पर्याप्त जगह है लेकिन व्यापारियों के पुराने व कबाड़ वाहनों से अधिकांश परिसर भरा है जिसके कारण परिसर कम पड़ रहा है. ऐसे में उपज नीलामी के लिए शासन ने राला पारदीपुरा प्रस्तावित नवीन कृषि उपज मंडी को अस्थाई नीलामी का स्थान बनाया है. अगर मंडी प्रशासन पुराने वाहनों को हटाने की जहमत करता है तो किसानों को अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी. मंडी प्रशासन की लचीले रवैया के चलते किसानों को अतिरिक्त दूरी तय करना पड़ रहा है. 6 से 7 एकड़ परिसर में फैला मंडी प्रांगण वर्तमान में उपज नीलम के लिए कम पड़ रहा है. अगर प्रशासन पुराने वाहनों और नीलामी में न आने वाले व्यापारियों के फड़ को अपने कब्जे में ले ले तो नीलामी के लिए पर्याप्त स्थान मिल जाएगा और व्यापारियों व किसानों को 4 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा.
