
अशोकनगर। जिला पंचायत सीईओ के एक आदेश को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रशासनिक महकमे में बबाल खड़ा हो गया। इस आदेश को जहां कुछ लोग लापरवाही पर अंकुश लगाने की बात कह रहे है। तो वहीं कुछ लोगों द्वारा इस आदेश को नियमों के विरूद्ध बताया जा रहा है। इधर,आदेश के विरोध में पंचायत सचिवों द्वारा एक आवेदन कलेक्टर आदित्य सिंह को सौंपकर जिला पंचायत सीईओ के आदेश को निरस्त किये जाने की मांग की गई। तो वहीं कलेक्टर न्यायालय में भी अपील लगाई गई है।
दरअसल जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश जैन द्वारा एक साथ जिले के 35 पंचायत सचिवो की संचयी प्रभाव से एक बेतन वृद्धि रोके जाने का आदेश जारी किया गया। यह आदेश पंचायतों में कर बसूली में लापरवाही को लेकर दिया गया, लेकिन
कार्यालय कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट
आदेश के बाहर निकलने के बाद एक बार फिर से पंचायत सचिव और जिपं सीईओ आमने सामने आ गए। जिसके चलते पंचयात सचिवों ने इसे अनैतिक बताते
हुए विरोध दर्ज कराते हुए एक आवेदन कलेक्टर सिंह को सौंपा। जिसमें उन्होंने पंचायत सचिवों की समस्याओं और बर्खास्त किए गए पंचायत सचिवों की बहाली की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत सीईओ राजेश जैन और पंचायत सचिवों में पहले भी विवाद हो चुका है, जिसमें कथित तौर पर जिला पंचायत सीईओ द्वारा ईसागढ़ बैठक के दौरान अभद्र भाषा शैली का उपयोग करने की बात कहीं गई। जिसके बाद धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन हुए थे। तो वहीं एक साथ 35 पंचायत सचिवों को कर बसूली में लापरवाही बताते बेतनवृद्धि रोके जाने का आदेश तूल पकड़ गया है। अब देखना यह होगा कि इस आदेश का पालन होता है, या फिर निरस्त किया जाता है, यह आगामी समय बतायेगा।
कर वसूली की, फिर भी रोकौ वेतन वृद्धि पंचायत सचिव संगठन द्वारा कलेक्टर के
नाम सौपे आवेदन में बताया गया है कि ग्राम पंचायतों में कर वसूली के संदर्भ में जिला अशोकनगर के 35 पंचायत सचिवों की संचयी प्रभाव से 01 बेतन वृद्धि रोक दी गई है। जबकि संबंधित पंचायत सचिवों के द्वारा ग्राम पंचायतों में कर की वसूली कर ग्राम पंचायतों के खातों में जमा कर दी गई है। एवं रसीद जमा की एक प्रति जिला पंचायत कार्यालय में जमा करा दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी जिला पंचायत सीईओ द्वारा बेतन वृद्धि रोके जाने का आदेश दिया है, पंचायत सचिवों ने इस आदेश को निरस्त कर वेतन वृद्धि बहाल कराये जाने की मांग की गई
