गोविंदनगर। विश्व मृदा दिवस पर कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर में इंडियन पोटाश लिमिटेड के सहयोग से एक दिवसीय कृषक संगोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें 143 कृषकों ने सहभागिता की। अतिथियों द्वारा मां सरस्वती पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। धर्मेन्द्र गुर्जर ने मिट्टी को संस्कृति में मां का स्वरूप बताकर इसके संरक्षण को नैतिक जिम्मेदारी बताया। आईपीएल के डिप्टी मैनेजर एस. एस. सोलंकी ने कहा कि मिट्टी का प्रथम डॉक्टर किसान है, जो उसकी वास्तविक जरूरतों को पहचानता है। विशेषज्ञों ने सूक्ष्म पोषक तत्वों, संतुलित उर्वरक, फसल चक्र, जैविक विधियों व प्राकृतिक खेती को अपनाने पर जोर दिया। समेकित खरपतवार प्रबंधन तथा नियमित मिट्टी परीक्षण को आवश्यक बताया गया। अंत में डॉ. आकांक्षा पाण्डेय ने सभी अतिथियों व कृषकों का आभार व्यक्त किया।
