
सीहोर। इन दिनों सूबे सहित जिला भीषण सर्दी की मार से जूझ रहा है. रात में जहां हाड़कंपा देने वाली ठंड ने लोगों को बेहाल कर रखा है, वहीं दिन में बर्फीली हवाएं शरीर पर सुई की तरह चुभ रही हैं. सोमवार को अधिकतम तापमान 25.5 दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 6.5 दर्ज किया गया. सर्दी के बचने के लिए रात को बाजार में जल्दी सन्नाटा पसर जाता है. इतना ही नहीं जगह- जगह अलाव जलाकर लोग सर्दी से बचने के जतन करते हैं.
इन दिनों भीषण सर्दी ने जिले को चपेट में ले रखा है. दिसंबर माह की शुरुआत से ही न्यूनतम तापमान दस डिग्री से नीचे बना हुआ है, वहीं दिन का तापमान भी 27 डिग्री से ऊपर नहीं जा रहा है. ऐसे में लोगों को दिन में भी ठंड का अहसास हो रहा है. दिनों दिन सर्दी के मुखर होते तेवरों ने लोगों को बेहाल कर रखा है. जिले में इस बार सर्दी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. पिछले एक सप्ताह से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है, जिससे सुबह-शाम कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है. शहर के साथ ग्रामीण अंचल में भी तेज हवाओं और घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है.
बाजार, चौक-चौराहों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर अलाव ताप रहे लोगों की संख्या बढ़ गई है. इस बार अब तक नगर पालिका की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है.
अभिभावकों का कहना है कि सीहोर में सुबह की ठंड सामान्य से कहीं अधिक है, ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो गया है. कई निजी स्कूलों ने समय बदल दिया है, लेकिन सरकारी स्कूलों में अब भी पुराने समय पर कक्षाएं लग रही हैं. माता-पिता प्रशासन से समय में बदलाव की अपील कर रहे हैं.
तेज ठंड से सीहोर के दिहाड़ी मजदूरों की दिक्कतें बढ़ गई हैं. कई जगह सुबह के समय निर्माण कार्य, सफाई अभियान और खेतों का काम देर से शुरू हो रहा है. मजदूरों का कहना है कि ठंड के कारण दिन छोटा हो गया है, जिससे आमदनी पर सीधा असर पड़ रहा है. जिले के ग्रामीण क्षेत्रों इछावर, नसरुल्लागंज, बुधनी और आष्टा में किसानों ने बताया कि तेज ठंड और हवा के कारण फसलों पर पाला गिरने की संभावना बढ़ गई है. नरम सब्जियों और पत्तेदार फसलों पर असर पडऩे का खतरा है. कृषि विभाग ने किसानों को फसलों की सिंचाई व कवरिंग जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी है. आरएके कॉलेज स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र सिंह तोमर ने बताया कि उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी के कारण अचानक मौसम बदला है.
मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी
जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीजनल एनफ्लूऐन्जा की रोकथाम, बचाव और नियंत्रण के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि मौसम में होने वाले बदलाव के कारण सर्दी-खांसी (इन्फ्लूएंजा) के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, इसलिए इस संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत व्यवहार में परिवर्तन आवश्यक हैं. सीएमएचओ सुधीर डेहरिया ने बताया कि मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता, सामाजिक दूरी, मास्क पहनना आवश्यक है, ताकि संक्रमण न फैले.संवेदनशील समूह जैसे छोटे बच्चे, वृद्धजन, गर्भवती महिलाएं, लंग्स इन्फेक्शन, डायबटीज, हृदय रोग, क्रोनिक लीवर वाले मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है.
पिछले एक सप्ताह का तापमान एक नजर में
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
2 दिसंबर 27.0 9.0
3 दिसंबर 26.0 8.0
4 दिसंबर 26.2 9.2
5 दिसंबर 25.5 7.5
6 दिसंबर 24.5 5.4
7 दिसंबर 24.5 7.5
8 दिसंबर 25.5 6.5
(नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में, स्त्रोत : मौसम विभाग)
