सतना: जिला चिकित्सालय जैसे संवेदनशील स्थल पर रविवार की देर शाम बड़ा हादसा टल गया. मुख्य गेट के सामने मौजूद कचरे की आग निकट स्थित ट्रांसफर्मर तक पहुंचने लगी. लेकिन इससे पहले कि ट्रांसफार्मर में विस्फोट हो जाता, विद्युत अमले ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया.जिला चिकित्सालय के दोनों मुख्य गेट के बीच में सडक़ किनारे एक विद्युत ट्रांसफार्मर लगाया गया है.
लेकिन इस स्थान का उपयोग आस पास के सभी दुकानदार अपना-अपना कचरा फेंकने के लिए करते हैं. नगर निगम का कचरा वाहन जब कभी यहां से गुजरता है तो एकत्रित कचरे को लाद ले जाता है. लेकिन जब ननि का वाहन नहीं पहुंचता तो वहां पर कचरे का अंबार लगा रहता है. बताया गया कि रविवार की देर शाम लगभग 9 बजे किसी ने एकत्रित कचरे में आग लगा दी. देखते ही देखते आग बढऩे लगी और ट्रांसफार्मर के नीचे पहुंच गई.
बढ़ती आग ने ट्रांसफर्मर की लटक रही तारों को अपनी चपेट में ले लिया. यह दृश्य देख अस्पताल सहित आस पास के सभी लोगों के बीच दहशत फैलने लगी. आग बढ़ती देख टांसफार्मर में विस्फोट का संभावना भी बढऩे लगी. लेकिन इसी दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय रहवासी धर्मेंद्र दुबे द्वारा घटना की सूचना विद्युत विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर दे दी गई.
सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही प्रभारी सत्येंद्र तिवारी सहित विद्युत अमले के अन्य लोग 3 वाहनों से मौके पर पहुंच गए. सबसे पहले विद्युत कनेक्शन विच्छेद किया गया. जिसके बाद बाल्टी में पानी भरकर कचरे की आग पर डाला जाने लगा. जिसका नतीजा यह हुआ कि कुछ देर में ही आग पर नियंत्रण पा लिया गया. हलांकि समय रहते सूचना मिलने पर कचरे की आग पर काबू पा लिया गया. लेकिन यदि कचरे की आग से ट्रांसफार्मर में विस्फोट हो जाता तो जिलासस चिकित्सालय जैसे संवेदनशील स्थल पर गंभीर हादसा सामने आ सकता था
