नई दिल्ली, 30 अगस्त। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कथित तनाव की असली वजह रूसी तेल आयात नहीं है, जैसा कि पहले माना जा रहा था। एक अमेरिकी निवेश बैंक की हालिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की नाराजगी का असली कारण भारत द्वारा अमेरिकी वस्तुओं पर लगाए गए उच्च टैरिफ हैं, जिनका रूसी तेल के आयात से कोई लेना-देना नहीं है।
टैरिफ की वजह से नाराजगी
रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार असंतुलन लंबे समय से एक बड़ी समस्या रहा है। ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिका ने इस मुद्दे को बार-बार उठाया था। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने कई अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ लगा रखा है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मुश्किल होती है। ट्रंप का मानना है कि इन टैरिफ ने अमेरिकी व्यापार हितों को नुकसान पहुंचाया है और यही उनकी नाराजगी का मुख्य कारण है।
रूस-भारत व्यापार एक अलग मुद्दा
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि रूस से भारत के तेल आयात को लेकर अमेरिका की नाराजगी एक अलग मुद्दा है। जहां अमेरिका और उसके सहयोगी रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रहे हैं, वहीं भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए रूस से रियायती दर पर तेल खरीदना जारी रखा है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मुद्दा ट्रंप की नाराजगी का प्रमुख कारण नहीं है। बल्कि, उनकी मुख्य चिंता भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को अधिक संतुलित और निष्पक्ष बनाना है।

