चंदला: गौरीहार जनपद पंचायत के नाहरपुर संकुल अंतर्गत सिंहपुर के माध्यमिक विद्यालय एवं हाई स्कूल में संचालित समूह माँ आदि शक्ति स्वसहायता समूह के द्वारा लगातार एक ही भोजन दिया जा रहा है। आलू की सब्जी कभी कभार टमाटर एवं बैगन इसके अलावा और कभी कभार पुलाव दिया जा रहा है। मैनू चार्ट के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है, बालक बालिकाओं ने बताया कि मैनू चार्ट तो दिखावा है, यहां तो कभी खीर तक नहीं बनी है आज तक स्कूल की खीर पूड़ी नहीं देखी है, गंदे पानी से खाना बनता है, पुलाव जो किसी सप्ताह में मंगलवार को बनता है, उसमें कीड़े सुंडी मिलती है, और बीते लगभग 3 दिन पहले पुलाव में मेढक का पैर मिला था, क्योंकि जो गंदा पानी से खाना बनाया जाता है टैंक के पानी से उसमें खचड़ा था और मेंढक पड़े थे, और उसी पानी को लेकर पुलाव तथा खाना बनाया जाता है.
जिससे उस पानी में मेंढक आ गया था और पुलाव में मेंढक का पैर दिखाई दिया था रसोइया को बताया गया था तो रसोइया ने बोला था कि पानी में रहा होगा। छात्राओं ने बताया कि सब्जी जो बनती है वह पूरी बच्चियों को पर्याप्त नहीं हो पाती है। आज वास्तविक में पाया गया कि लगभग 10 बच्चियां सब्जी के लिए रह गई थी। बच्चियों ने बताया कि 1 किलोग्राम ऑयल 1 सप्ताह से ज्यादा के लिए हो जाता है, यहां ऑयल नाम मात्र के लिए डाला जाता है, आज सिर्फ आलू दिखाई देते है, पिछले शेष दिनों में आलू भी नहीं दिखते है केवल पानी की तली दिखाई देती है।
जिस मामले में प्राचार्य से बात की गई और रजिस्टर देखे गए तो डेली बेस पर मध्यान भोजन की इंट्री नहीं की जाती है 4 दिन तक का खाली रजिस्टर पाया गया, जिसमें सब्जी रोटी के अलावा पुलाव दर्शाया गया है, प्राचार्य प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि जो बनता है वही हम लिखते है। जो मेंढक का पैर मिला था उसको स्वीकारते हुए प्राचार्य ने बताया कि उसकी शिकायत बच्चों ने की थी वो मेरे संज्ञान में है, उसके बाद ऐसा नहीं हुआ है। प्राचार्य ने आगे कहा कभी कभार खीर पूड़ी बनाई जाती है। जब पूछा गया कि आपके रजिस्टर में इंट्री नहीं है, फिर बोले पिछले 2 माह पहले बनाई गई थी।
