सीहोर/भैरुंदा। जिले में लुटेरी गैंग सक्रिय हैं. यह गैंग गैर शादीशुदा लोगों से संपर्क कर शादी कराने के नाम पर पैसे ऐंठकर गायब हो जाती है. ऐसा एक नया मामला भैरुंदा क्षेत्र में आया है. यहां एक लाख 71 हजार रुपए खाते में डलवाने के बाद लुटेरी दुल्हन दूल्हे को चूना लगाकर गायब होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही दूल्हे और उसके परिवार को शक हुआ तो पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने मामले में लुटेरी दुल्हन सहित पांच लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है.
आवेदक रामबाबू गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उसके साले सचिन गुप्ता के लिए लड़की तलाश करने के दौरान उन्हें अपने परिचित राजेश मालवीय के माध्यम से कन्नौद जिला देवास निवासी अनवर का संपर्क मिला. जो शादियां कराने का काम करता है. इसके बाद अनवर ने उन्हें राधा बाई मीना उर्फ राजू बाई दीदी से मिलवाया. राधा ने उन्हें रानी नामक लड़की के बारे में बताया. जिसके कथित पति की दुर्घटना में मौत हो चुकी थी. उसके माता-पिता भी नहीं थे. रानी श्यामपुर में अपने भाई कृष्णकुमार शर्मा और भाभी दिव्या के साथ रहती थी. विश्वास जमाने के लिए रानी के फोटो और आधार कार्ड भी भेजे गए. गत 14 नवंबर को रामबाबू, अनवर और राधा श्यामपुर गए. जहां रानी और दिव्या से मुलाकात हुई. रानी ने दूर से ही वीडियो कॉल पर सचिन और उसके घर को देखकर शादी के लिए सहमति दी. विवाह की बात तय होने के बाद एक दिसंबर को इंदौर में आदेश्वर वैदिक संस्कार विवाह सेवा समिति से दोनों की शादी कराई गई और दुल्हन को राला लेकर आए. इस शादी समारोह में रानी के कथित रिश्तेदार राधा दीदी, अनवर भाई, और रानी के भाई-भाभी मौजूद थे. विधिवत शादी का सर्टिफिकेट और शपथ पत्र भी तैयार किए गए. जिससे पीड़ित पूरी तरह आश्वस्त हो गया.
फरियादी ने पुलिस को उनके साथ हुई ठगी की घटना का ब्योरा दिया. इसके साथ ही उन्होंने शादी का सर्टिफिकेट, शपथ पत्र, शादी की तस्वीरें और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड जैसे साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं. पुलिस ने सभी आरोपियों के मोबाइल नंबरों और वित्तीय ट्रांजेक्शन के आधार पर जांच तेज कर दी है. पुलिस इस मामले को एक संगठित लुटेरी दुल्हन गिरोह का कार्य मान रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है.
शॉपिंग व अन्य बहाने बनाकर ऐंठे रुपए
इस दौरान रानी के लिए कपड़े और सामान खरीदने के नाम पर 25,000/- मांगे जिस पर 21,000/- नकद दिए. राधा दीदी ने फोन पर बात कर रिश्तेदार के एक्सीडेंट की इमरजेंसी बताई और इलाज के लिए 50,000/- की मदद मांगी. यह राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की. शादी के बाद 03 दिसंबर को भाभी दिव्या ने फोन करके इलाज के लिए 1 लाख की और मांग की. मदद के नाम पर 50,000/- और ट्रांसफर किए. 04 दिसंबर को दिव्या भाभी ने फिर से फोन किया और अब तो हम रिश्तेदार बन गए हैं कहकर 50,000/- लौटाने का वादा करते हुए 50,000/- और डालने को कहा. रामबाबू ने मानवीय आधार पर यह राशि भी ट्रांसफर कर दी. इस प्रकार, मात्र चार दिनों के भीतर उनसे कुल 1,71,000/- की ठगी कर ली गई. इसके बाद 06 दिसंबर को दिव्या राला आईं और पूजा-पाठ का बहाना बनाकर रानी को अपने साथ ले जाने की जिद करने लगीं. उनके साथ रानी को जबरदस्ती ले जाने के बाद रामबाबू को पूरा यकीन हो गया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है.
पुलिस ने जताई संगठित फर्जी रैकेट की आशंका
इस संबंध में एसडीओपी रोशन कुमार जैन एवं थाना प्रभारी घनश्याम दांगी ने बताया कि प्रकरण की पूरी कहानी को देखते हुए पुलिस को संदेह है कि यह एक संगठित फर्जी शादी रैकेट हो सकता है जो भोले-भाले लोगों को शादी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करता है. आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से मुलाकात, शादी का नाटक, और फिर कथित एक्सीडेंट/गरीबी का बहाना बनाकर कई किस्तों में 1,71,000/- की राशि हड़पी. रानी का अचानक अपने भाई-भाभी के साथ वापस चले जाने की जिद करना इस संदेह को और मजबूत करता है.
