लोकायुक्त ट्रैप में पकड़ी गई प्राचार्य को चार साल की सजा

इंदौर. झाबुआ की एक सरकारी स्कूल प्राचार्य को दो चरणों में रिश्वत मांगने और लेते हुए पकड़े जाने के आठ साल पुराने मामले में विशेष न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है.

लोकायुक्त पुलिस द्वारा दी गई अधिकृत जानकारी के अनुसार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झकनावद, जिला झाबुआ की तत्कालीन प्राचार्य एवं उस दौरान प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (आदिवासी जनजाति कार्य विभाग, पेटलावद) रहीं शकुंतला शंखवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रकरण में दोषी करार दिया है. मामला वर्ष 2017 का है, जन शिक्षक पूनमचंद कोठारी ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय इंदौर में शिकायत दी थी कि विद्यालय के लिए शासन द्वारा प्रति वर्ष दिए जाने वाले 20,000 के मद से दो वर्ष की कुल 40,000 की राशि के बिल पास करने के बदले में 20,000 की अवैध मांग की जा रही है. शिकायत की सत्यापन कार्यवाही में आरोप सही पाए जाने पर लोकायुक्त टीम ने 1 नवंबर 2017 को ट्रैप कार्रवाई की थी. टीम ने प्राचार्य शकुंतला शंखवार को 13,500 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. जांच पड़ताल के बाद अभियोग पत्र 2 नवंबर 2022 को विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) झाबुआ में प्रस्तुत किया था. सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने 4 दिसंबर 2025 को फैसला सुनाते हुए दोषी को अलग अलग मामलों में चार-चार वर्ष के कठोर कारावास और 5,000- 5,000 के अर्थदंड से दंडित किया.

Next Post

पुलिस की घेराबंदी में कार से 2.51 लाख के मादक पदार्थ जब्त

Thu Dec 4 , 2025
सीधी। ​सीधी पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 2.51 लाख के मादक पदार्थ सहित 8.51 लाख से अधिक का मशरुका जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी के निर्देशन में मझौली पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के परिवहन और बिक्री के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई […]

You May Like