महाकाल की नगरी में फल फूल रहा प्रापर्टी बाजार

उज्जैन: गाइडलाइन बढ़ने का डर हो या फिर 31 मार्च के पहले अपना हिसाब किताब निपटाने की चिंता, ऐसे में क्रेता-विक्रेताओं ने रविवार को भी जमकर रजिस्ट्री कराई और भरतपुरी पंजीयन कार्यालय पर अच्छी खासी भीड़ देखी गई.प्रॉपर्टी बाजार में तेजी, नई गाइडलाइन के संकेत और तकनीकी सुविधाओं के विस्तार के बीच शहर की तस्वीर तेजी से बदल रही है. 1 अप्रैल 2026 से नई प्रॉपर्टी गाइडलाइन लागू होने जा रही है, जिसके चलते मार्च माह में रजिस्ट्री कार्यालयों में खासा रुझान देखा जा रहा है.

भीड़ को देखते हुए 1 मार्च 2026 से पूरे मार्च महीने में उज्जैन सहित मध्यप्रदेश के सभी पंजीयन कार्यालय शनिवार-रविवार एवं अन्य अवकाश के दिनों (3 मार्च होली को छोड़कर) भी खुले रहेंगे. नवभारत से चर्चा में वरिष्ठ जिला पंजीयक ऋतुंभरा द्विवेदी ने बताया कि अवकाश के दिन रविवार को भी रजिस्ट्री कराने वालों का अच्छा-खासा उत्साह रहा. सामान्य दिनों की तरह लोग पूरे उत्साह से पहुंचे और लगभग सवा सौ दस्तावेज बुक किए गए. उन्होंने बताया कि 31 मार्च से पहले क्रेता-विक्रेता अपना हिसाब-किताब निपटाना चाहते हैं, क्योंकि 1 अप्रैल से कलेक्टर गाइडलाइन में वृद्धि प्रस्तावित है। इसी कारण बाजार में तेजी देखी जा रही है.

ई-रजिस्ट्री से बढ़ी पारदर्शिता
विभाग द्वारा ‘संपदा 2.0’ पोर्टल के माध्यम से ई-रजिस्ट्री की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. अब नागरिक ऑनलाइन अपॉइंटमेंट स्लॉट बुक कर सकते हैं. अधिकारियों ने अपील की है कि महीने के अंतिम दिनों में भीड़ अधिक होने की संभावना है, इसलिए समय रहते स्लॉट बुक कर लें. नए नियमों के तहत बिना पैन कार्ड, आधार और पूर्ण दस्तावेजों के अब रजिस्ट्री नहीं की जाएगी. इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ हुई है.

बढ़ता निवेश, बदलता उज्जैन
महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद उज्जैन के प्रॉपर्टी बाजार में अभूतपूर्व उछाल आया है. देश-विदेश के निवेशक शहर में रुचि दिखा रहे हैं. धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र में उज्जैन का नाम विश्व पटल पर स्थापित हुआ है. बाबा महाकाल की कृपा से शहर विकास के नित नए पायदान पर अग्रसर हो रहा है,और आर्थिक गतिविधियों में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है.

तेजी से बढ़ रही निजी टाउनशिप
सिंहस्थ 2028 की तैयारियां बड़े पैमाने पर जारी हैं. विकास और निर्माण कार्यों ने शहर के चारों दिशाओं में नई कॉलोनियों को जन्म दिया है. निजी टाउनशिप और बड़ी आवासीय परियोजनाएं तेजी से विकसित हुई हैं. पुराने क्षेत्रों के मकान छोड़कर लोग नई कॉलोनियों में घर बना रहे हैं, जिससे शहर का स्वरूप पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है.

एमपी का बढ़ता राजस्व
रजिस्ट्री में आई तेजी से मध्यप्रदेश सरकार को भी राजस्व में बढ़ोतरी हो रही है. लगातार हो रही रजिस्ट्री से शासन को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है. रजिस्ट्री कार्य से जुड़े वकील और सर्विस प्रोवाइडर भी इस बढ़ी हुई गतिविधि से प्रसन्न व संतुष्ट हैं. भरतपुरी क्षेत्र सहित पंजीयन कार्यालयों के आसपास पूरे माह उत्साह का माहौल बना हुआ है.

निवेश का बनता शहर
स्पष्ट है कि तकनीकी सुधार, प्रशासनिक निर्णय और विकास कार्यों के संयुक्त प्रभाव से उज्जैन न केवल धार्मिक राजधानी के रूप में, बल्कि आर्थिक और निवेश केंद्र के रूप में भी अपनी नई पहचान गढ़ रहा है

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