रीवा: पहाडिय़ा स्थित रीवा एमएसडब्ल्यू कचरा प्लांट को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा.कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किए जाने के बावजूद कि उत्तर प्रदेश से आने वाला बाहरी आरडीएफ पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, प्लांट प्रबंधन पर लगातार अवैध आरडीएफ मंगाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं. ग्रामीणो ने पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर से की है और पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की है.
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी 28 यूएलबी के साथ किए गए अधिकृत अनुबंध का पालन नहीं कर रही और प्रयागराज, बनारस तथा कटनी से भारी मात्रा में अवैध आरडीएफ प्रतिदिन प्लांट में प्रवेश कर रहा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ‘प्रशासन पर राजनीतिक दबाव होने के कारण आदेशों की पालन नहीं हो रहा. कार्रवाई के नाम पर सबकुछ कागजों तक सीमित है. बाहर का कचरा प्लांट में नही लाना है, लेकिन प्रबंधन द्वारा खुली मनमानी की जा रही है.
ग्रामीणों में भय का माहौल, मिल रही धमकी
बाहर से आने वाले कचरे को लेकर ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे है जिन्हे अब धमकी मिलने लगी है. सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक तिवारी और ग्रामीणों ने खुलासा किया कि रीवा एमएसडब्ल्यू के कुछ अधिकारियों ने विरोध को दबाने के लिए अपराधियों और गुंडों को गांव में भेजना शुरू कर दिया है. ग्रामीणों के बयान के अनुसार पिछली रात कुछ अज्ञात बदमाश गांव में घुसे और ग्रामीणों को गोली मारने, तथा गांव में आग लगाने की धमकी देकर चले गए. इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित सुरक्षा की मांग की है.
