
छतरपुर। जिले के परा गांव में बुधवार को खाद वितरण के दौरान भारी अव्यवस्था और हंगामा देखने को मिला। भीड़ नियंत्रित करने पहुंचीं नायब तहसीलदार नीतू सिंघई पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने एक छात्रा को थप्पड़ मारा, एक किसान की कॉलर पकड़ी और एक महिला से मारपीट की। वहीं, मौके पर मौजूद पत्रकारों के मोबाइल छीनने की भी शिकायत सामने आई है। पूरा घटना क्रम वीडियो में कैद होकर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
छात्रा बोली – दो महीने से खाद के लिए भटक रही हूं, टोकन मांगा तो थप्पड़ मार दिया
एमए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा गुड़िया पटेल ने बताया कि वह दो महीने से खाद के लिए भटक रही है, लेकिन उसे खाद नहीं मिल पा रही। जब उसने नायब तहसीलदार से टोकन मांगा तो उन्होंने कहा कि महिलाओं को टोकन नहीं दिए जाएंगे। छात्रा का आरोप है कि दोबारा टोकन मांगने पर अधिकारी ने उसे थप्पड़ मार दिया। गुड़िया ने यह भी दावा किया कि करीब 250 महिलाएं रात 2 बजे से लाइन में खड़ी थीं, फिर भी खाद नहीं मिली। आरोप है कि 15 ट्रक खाद मौजूद होने के बावजूद उसे ब्लैक में बेचा जा रहा है।
नीतू सिंघई का बचाव — “लोग चढ़ रहे हैं, दुपट्टे खींच रहे, लाइन नहीं बना रहे”
वहीं, नीतू सिंघई ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि लोग लाइन नहीं बना रहे, अफसरों पर चढ़ रहे हैं और दुपट्टे खींच रहे हैं। उनका कहना है कि महिलाओं ने जबरन पुरुषों की लाइन में घुसकर अव्यवस्था बढ़ाई। पत्रकारों के मोबाइल छीनने और थप्पड़ मारने के सवालों पर उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी को नहीं मारा और ना ही किसी का मोबाइल छीना।
इस घटना ने खाद वितरण व्यवस्था की खामियों और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि टोकन सिस्टम में धांधली, ब्लैक मार्केटिंग और अधिकारियों की मनमानी के कारण उन्हें खाद के लिए घंटों नहीं, बल्कि दिनों तक परेशान होना पड़ रहा है।
