
बनखेड़ी। ग्राम पंचायत मालहनवाड़ा में कीटनाशक दवाओं का मूंग की फसल पर छिड़काव किए जाने के कारण दर्जनों गौमाताओं की मौत हो चुकी है. भीषण गर्मी में किसानों द्वारा छोड़ी गई हजारों गौमाताएं खेतों में घूम रही हैं, और भूख मिटाने के लिए मूंग की फसल खा रही हैं, जो जहरीले रसायनों से युक्त है. इससे रोज़ाना 2 से 4 गौमाताएं दम तोड़ रही हैं.
गांव में गौचर के लिए 65 एकड़ शासकीय भूमि आरक्षित है, लेकिन इस पर बाहुबलियों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है. इतना ही नहीं, शासकीय तालाबों पर भी भू-माफियाओं ने अतिक्रमण कर लिया है. पंचायत और प्रशासन पूरी तरह मौन है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है. यह विडंबना है कि जहां पूरे प्रदेश में ‘जल गंगा अभियान’ जैसे कार्यक्रम चल रहे हैं, वहीं मालहनवाड़ा पंचायत में दो तालाब होने के बावजूद कोई कार्यक्रम नहीं हुआ. गऊ माता के नाम पर सरकार बनाने वाले जनप्रतिनिधि और हिंदुत्व के नाम पर वोट पाने वाले नेता भी इस विषय पर चुप्पी साधे हुए हैं. गौसेवा की बात करने वाले समाज में आज हालत यह है कि दूध देने वाली गऊ माता को जहर खिलाया जा रहा है. जबकि राज्य सरकार जंगली जानवरों, मछलियों, मधुमक्खियों और सूअरों के लिए योजनाएं और सब्सिडी दे रही है, वहीं गौमाताओं की ओर से पूरी तरह से आंखें मूंद ली गई हैं. ग्रामीणों की मांग है कि गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए, मृत गौमाताओं की जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.
इनका कहना है
मैं जांच करवा लेती हूँ तालाब और भूमि पर जो अतिक्रमण है उस पर जांच होगी आप चिंता ना करें
अंजू लोधी तहसीलदार बनखेड़ी
