
नई दिल्ली, 02 दिसंबर, 2025: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण में 264 नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए मतदान हो रहा है। यह चुनाव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए सिर्फ चुनावी चुनौती नहीं, बल्कि महायुति (बीजेपी, शिंदे शिवसेना, अजित पवार एनसीपी) के भीतर गठबंधन की परीक्षा भी है। इस बार चुनाव में दोनों गठबंधन पूरी तरह बिखर गए हैं, कई जगह महायुति के घटक दल ही आपस में लड़ रहे हैं।
शिंदे गुट ने कांग्रेस-NCP से किया गठबंधन
कई सीटों पर महायुति के घटक दलों के बीच आपस में लड़ाई चल रही है। उदाहरण के लिए, चाकण नगर परिषद (पुणे) में शिंदे की शिवसेना और दोनों शिवसेना गुटों ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा बनाया है। वहीं, धाराशिव की ओमेगा नगर परिषद में शिंदे की शिवसेना ने कांग्रेस से गठबंधन किया है। जलगाँव के चोपड़ा और नासिक के येओला में भी शिंदे गुट ने महाविकास अघाड़ी के दलों के साथ मिलकर बीजेपी को टक्कर दी है।
चुनाव परिणाम बदल सकते हैं सियासी समीकरण
इन चुनावों में 6705 सदस्य और 264 अध्यक्षों का फैसला होना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निकाय चुनाव का परिणाम शासन और विपक्षी गठबंधन दोनों के लिए अहम संकेत देगा। महायुति के अंदर क्रेडिट वॉर और गठबंधन की खटास के राजनीतिक नतीजे देखने को मिल सकते हैं। ये चुनाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत कराए जा रहे हैं।
