इंदौर: शहर में फैले नशे के नेटवर्क पर क्राइम ब्रांच ने इस साल रिकॉर्ड स्तर पर कार्रवाई की है. हर दूसरे दिन औसतन एक तस्कर पकड़े जाने का आंकड़ा बताता है कि शहर का अंडरग्राउंड ड्रग रैकेट कितना फैला हुआ था और पुलिस की कार्रवाई कितनी तेज.इंदौर में ड्रग तस्करी जिस रफ्तार से बढ़ रही थी, उससे शहर के युवाओं को निशाना बनाने वाला पूरा एक अंडरग्राउंड नेटवर्क खड़ा हो चुका था.
लेकिन क्राइम ब्रांच ने इसी नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए इस साल ऐसे ऑपरेशन चलाए, जिनके आंकड़े अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं. क्राइम ब्रांच ने 11 माह में नशे के 100 प्रकरण दर्ज कर 170 तस्करों को गिरफ्तार किया है. इनमें कुछ अपराधी पुराने भी हैं.एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि इस साल नशे के खिलाफ अभियान पूरी तरह ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर चलाया गया.
अब तक आठ करोड़ रुपए से अधिक का नशा जब्त किया है और तस्करों की सप्लाई चेन तोड़ने पर अलग से फोकस किया है. कई गिरोह तो ऐसे थे, जिनके नेटवर्क में शहर से बाहर के लोग भी शामिल थे. ऐसा मामलों में भी उनकी भी पहचान कर कार्रवाई की गई है. तस्करी में पकड़े गए 170 आरोपियों में से 50 पुराने अपराधी हैं, जिन पर एक दर्जन तक प्रकरण पहले से दर्ज मिले.
चौंकाने वाली बात यह है कि राजस्थान के 50 से अधिक तस्कर भी इंदौर में सक्रिय पाए गए, जबकि कई और की तलाश जारी है. इसी कार्रवाई में क्राइम ब्रांच ने एक नाइजीरियन नागरिक को भी दबोचा, जो शहर में सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई से जुड़ा पाया. यह गिरफ्तारी इस बात की पुष्टि है कि इंदौर में केवल स्थानीय गैंग ही नहीं, बल्कि बाहरी राज्यों और देशों के नेटवर्क भी सक्रिय थे.
कार्रवाई में एक दर्जन महिलाएं भी गिरफ्त में आईं, जिनमें जेल प्रहरी के साथ पकड़ी गई चर्चित लेडी डॉन, द्वारकापुरी की सीमा नाथ जिससे करीब एक करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद हुई थी और आकाश नगर की जसमीत कौर शामिल हैं, जिसे अल्प्राजोलम की भारी खेप के साथ पकड़ा था. ड्रग की सप्लाई चेन काटने के लिए पुलिस ने तस्करों की 50 से ज्यादा गाड़ियां जब्त की हैं. इनमें कई ऐसी गाड़ियां थीं जिन्हें अलग-अलग रूटों पर सप्लाई के लिए नियमित रूप से इस्तेमाल किया जा रहा था.
नेटवर्क में पहली बार इतनी बड़ी सेंध…
शहर में सबसे ज्यादा खपत एमडी और गांजा की पाई गई है. लगातार की गई कार्रवाइयों के बाद तस्करों में दहशत है और कई गिरोह अब अपनी सप्लाई चेन बनाए रखने में भी असमर्थ हो गए हैं. क्राइम ब्रांच का दावा है कि आने वाले महीनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि कई नेटवर्क की परतें अभी खुलना बाकी हैं
