
नयी दिल्ली, 30 नवंबर (वार्ता) लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा है कि सरकार लोकतंत्र की मर्यादा को तोड़ रही है और जानबूझकर संसदीय परंपरा को ध्वस्त करने का कार्य कर रही है।
श्री गोगोई ने कहा कि सरकार जिस तरह से लोकतंत्र के विरुद्ध काम कर रही है उसे देखकर विपक्ष का कहना है कि संसद को मर्यादित ढंग से चलाना चाहिए और लोकतंत्र के मंदिर में लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ देश और जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि मोदी सरकार संसदीय मर्यादा को पटरी से उतारकर लोकतांत्रिक परंपरा की कब्र खोद रही है। इस कार्यशैली का पूरा विपक्ष विरोध करता है और इस मुद्दे पर एक साथ है।
संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले श्री गोगोई ने रविवार को सरकार पर हमला करते हुए कहा कि वह लोकतंत्र और संसदीय परंपरा को ख़त्म करने पर तुली है। संसद का शीतकालीन सत्र सिर्फ़ 19 दिन का है, जिसमें सिर्फ 15 दिन ही चर्चा हो पाएगी। शायद यह सबसे छोटा सत्र होगा। लेकिन विपक्ष चाहता है कि इस सत्र में देश के मुख्य मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि दिल्ली में हुए धमाके गृह मंत्रालय की नाकामी है और इस पर चर्चा हो। इसी तरह से चुनाव आयोग राजनीतिक पक्षपात कर रहा है ऐसे में मतदाता सूची और चुनावी सुरक्षा पर भी चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने स्वास्थ्य सुरक्षा को अहम बताया और कहा कि वायु प्रदूषण देश के हर कोने में बढ़ रहा है, जो काफी गंभीर मामला है। किसान को फसलों के सही दाम नही मिल रहे हैं और श्रमिक कारखानों में सुरक्षा न मिलने से परेशान है। देश में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ ही विदेश नीति पर भी चर्चा होनी चाहिए।
