जबलपुर: निगरी के बाजार मोहल्ला के 62 रहवासी बीमार हो गए। जिनमें से चार मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अचानक निवासियों की तबियत बिगड़ी और उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायतें होने लगी। मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची तो हडक़ंप मच गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उपचार किया गया। जांच में यह बात सामने आई कि पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन के वाल्व में लीकेज होने के कारण वाल्व वाले गड्ढे में काफी पानी काफी दिनों से इकट्ठा हो गया था। इसके कारण ही संक्रमण हुआ और फंगस भी पाई गई।
पहले बरती लापरवाही, अब सप्लाई की बंद
सूत्रों के मुताबिक पाइप लाइन में लीकेज की जानकारी जिम्मेदारों को पहले थी लेकिन लापरवाही बरती गई, सुधार कार्य की ओर ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि बीमार पडऩे पर वाल्व से पानी की सप्लाई बंद करवा दी गई है एवं सरपंच एवं ग्राम सचिव को शीघ्र सुधार के लिए कहा गया है।
पानी के लिए गए सैंपल
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम द्वारा जाँच के लिए पानी का सैंपल लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि से सभी पीडि़त पूरी तरह स्वस्थ हैं। टीम गांव में मौजूद है और लगातार नजर बनाए हुये है।
क्या है मामला
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा के अनुसार बरगी के समीप स्थित ग्राम निगरी के बाजार मोहल्ला में लोगों को उल्टी या दस्त की शिकायत होने की सूचना प्राप्त हुई थी। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही मुख्य विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ रश्मि भटनागर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहाँ घर-घर सर्वे कर पीडि़त लोगों का उपचार किया। करीब 62 लोग उल्टी-दस्त से पीडि़त पाये गये थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे दिन रात वहीं रुकी हुई है।
इन्हें किया गया रेफर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि उल्टी दस्त से पीडि़त लोगों में से चार निम्मी बाई पटेल 52 वर्ष, शिवकुमार पटेल 40 वर्ष, आलोक पटेल 14 वर्ष एवं ज्योति श्रीपाल 32 वर्ष को सतर्कता के बतौर मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया, जहाँ इन सभी की हालत अब सामान्य है।
