एक बीएलओ निलंबित, दूसरे का एक माह का वेतन काटने का आदेश

खंडवा। मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में पूरे जिले के अधिकारी और कर्मचारी परेशान नजर आ रहे हैं।कलेक्टरों पर टारगेट पूरा करने का प्रेशर है। मैदानी कर्मचारी पर भी इतना दबाव है कि वे दौड़ दौड़ कर भी टारगेट बन रहे हैं। हालांकि खंडवा जिले में स्थिति ठीक बताई जा रही है।

प्रशासन चाहता है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत बूथ लेवल अधिकारी इस ऊर्जा से कम करें, जैसे क्लास वन के अधिकारी कर रहे हैं। ऐसा न करने पर लगातार कर्मचारियों को निलंबित भी किया जा रहा है। अच्छा काम करने वालों को मालाएं पहनकर सम्मानित भी किया जा रहा है। शुक्रवार को फिर एक बीएलओ सचिन सांवले को कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया। सचिन सांवले खंडवा विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक 114 के हैं।

एक माह का वेतन काटने के निर्देश

इसी तरह काम में लापरवाही को लेकर एक अन्य कर्मचारी प्रेम नारायण जोशी के एक माह का वेतन काटने के आदेश जारी किए हैं। श्री जोशी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण खंडवा के स्थाई कर्मचारी हैं। मतदाता सूची के सत्यापन के लिए मतदाताओं के निवास पर जाकर उनके नाम, पता, आयु और अन्य विवरण का भौतिक सत्यापन करने की जिम्मेदारी सभी बीएलओ को दी गई है। सचिन सावले का निलम्बन अवधि में मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय खण्डवा रहेगा तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

परेशानी है तो बताएं, तुरंत दूर होगी शिकायत

कलेक्टर ने निर्देश जारी किए हैं कि विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ी अपनी सभी शिकायतें, मतदाता सरल, पारदर्शी और प्रभावी माध्यमों से दर्ज करा सकते हैं। फॉर्म वितरण, डाटा सत्यापन, बीएलओ संपर्क, मतदाता सूची त्रुटियों और अन्य निर्वाचन कार्यों से संबंधित शिकायतों के लिए प्रदेश में व्यापक शिकायत निवारण प्रणाली संचालित है। मतदाता अपनी शिकायतें राष्ट्रीय मतदाता टोल-फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1950 पर कॉल करके दर्ज करा सकते हैं।

मतदाता सेवा पोर्टल में करें शिकायत

शिकायत दर्ज होते ही कॉल करने वाले को एक टोकन आईडी प्रदान की जाती है, जिसके माध्यम से वह बाद में अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकता है। ऑनलाइन सुविधा के रूप में राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल में भी शिकायत पंजीकृत की जा सकती है, जहाँ पोर्टल के कंम्प्लेंट सेक्शन में जाकर शिकायत का प्रकार चुनने, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने और सबमिट करने पर यह शिकायत सीधे जिला या राज्य निर्वाचन कार्यालय तक पहुँच जाती है और उसका निवारण तय समय-सीमा में किया जाता है। सामान्य शिकायतों का निवारण सात से पन्द्रह दिनों के भीतर किया जाता है, जबकि तात्कालिक या महत्वपूर्ण शिकायतों पर एक से तीन दिनों के भीतर कार्रवाई की जाती है।

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