पणजी, 28 नवंबर (वार्ता) बॉलीवुड स्टार आमिर खान का कहना है कि निर्देशन उनका सबसे बड़ा प्यार है। आमिर खान ने 56वें भारत अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) में कहा कि निर्देशन असल में उनका सबसे बड़ा प्यार है। उन्होंने कहा,“ फ़िल्ममेकिंग मुझे सबसे ज़्यादा पसंद है। मैंने एक बार निर्देशित किया था, लेकिन वह ज़्यादातर एक मुश्किल की वजह से था,इसलिए इसे सच में कोई प्लान किया हुआ कदम नहीं माना जा सकता। लेकिन जिस दिन मैं जान-बूझकर निर्देशन करने का फ़ैसला करूँगा, मैं शायद अभिनय छोड़ दूँगा, क्योंकि यह मुझे पूरी तरह से ले लेगा। इसीलिए मैं अभी उस फ़ैसले को टाल रहा हूं।” आमिर खान ने माना कि बचपन से ही, वे अपनी दादी की सुनाई कहानियों और रेडियो पर हवा महल के जादू से मोहित थे। उन्होंने याद करते हुए कहा “मैं हमेशा कहानियों की तरफ खिंचा चला आया हूं। वे मेरे बचपन का बड़ा हिस्सा थीं, और इसी आकर्षण ने अभिनेता के तौर पर मेरे हर चुनाव को गाइड किया है।”
आमिर ने कहा, “मैं खुद को रिपीट नहीं कर सकता। एक बार जब मैं एक खास तरह की फिल्म कर लेता हूं, तो मैं आगे बढ़ना चाहता हूं। मैं ऐसी कहानियों की तलाश करता हूं जो फ्रेश, यूनिक और क्रिएटिवली एक्साइटिंग लगें।” उन्होंने कहा ,मेरे ज्यादातर फैसले इंडस्ट्री के स्टैंडर्ड के हिसाब से इंप्रैक्टिकल रहे हैं। जब हमने लगान बनाई, तो जावेद साहब ने भी हमें ऐसा न करने की सलाह दी थी। पूरे लॉजिक से, मुझे स्टार नहीं बनना चाहिए था,मैंने हर रूल तोड़ा। लेकिन किसी तरह, उन अनकन्वेंशनल चॉइस ने लोगों को कनेक्ट किया और मैं बहुत आभारी हूं।” आमिर ने कहा कि ,मैं कभी यह सोचकर फ़िल्म नहीं चुनता कि आगे किस सोशल टॉपिक पर बात करनी है। मैं सिर्फ़ ऐसी स्क्रिप्ट देखता हूँ जो मुझे एक्साइट करें। यदि कोई अच्छी स्क्रिप्ट सोशल मैसेज देती है, तो वह बोनस है।शुरुआती पॉइंट नहीं।”

