सतना:पिछले दिनों राजधानी में सम्पन्न हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में जिले की विधायक प्रदेश की नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ हो रही प्रशासनिक अवहेलना का मसला उठाकर सरकार को संकट में डाल दिया है.उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को राजधानी में आयोजित कैबिनेट बैठक में जिन मसलों पर सरकार को घेरने की कोशिश राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों ने की उनमें मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ हो रही प्रशासनिक उपेक्षा का मसला चर्चा का विषय बन गया है.
बताया गया है कि बैठक में जब अन्य मंत्रियों ने एजेण्डे से हटकर विषय उठाना शुरू किया तो नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने भी अपनी ओर से प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जा रही अनदेखी का जिक्र करते हुए खुलकर यह बताया कि विभाग से संबंधित अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी अपने कार्यालयों में नहीं मिलते ऐसी स्थिति में विभाग से जुड़े जन महत्व के विषयों पर निर्णायक पहल नहीं हो पाती.
उन्होंने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से यह भी अपेक्षा की कि सप्ताह के किसी एक दिन पूरे समय में इस स्तर के वरिष्ठ अधिकारी पूरे स मय अपने कार्यालय में उपस्थित रहें. कैबिनेट में इस तरह का विषय सामने आने के बाद राजधानी में युवा राज्यमंत्री द्वारा खुलकर कही गई बात चर्चा का विषय बन गई. हलांकि बताया यह भी गया है कि किसी वरिष्ठ मंत्री ने बैठक में ही यह भी जिक्र किया कि अधिकारियों को मंत्रियों के स्वयं संपर्क में रहना चाहिए यह नई परम्परा शुरू हो रही है कि मंत्री प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों में जन महत्व के काम के लिए संपर्क कर रहे हैं.
प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में खुलकर सामने आये इस प्रकार के व्यवहार को लेकर प्रदेश में सक्रिय सोशल मीडिया प्लेटफार्म में लोगों ने तरह तरह की चर्चाएं शुरू कर दी है. ऐसा कहा जा रहा है कि वर्तमान में प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी के अन्दर भी पक्ष और विपक्ष का वातावरण बन गया है जिसकी वजह से अधिकारी महत्वपूर्ण विभाग और वरिष्ठ मंत्रियों के अलावा अन्य को ज्यादा महत्व नहीं दे रहे
