इंदौर: जीवन की सुरक्षा में चिकित्सा एवं फार्मेसी अनुसंधान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. प्रौद्योगिकी के समन्वय से चिकित्सा तथा स्वास्थ्य अनुसंधान अधिक प्रभावी, तीव्र और सटीक हुआ है.वे आज इंदौर में भारतीय फार्मेसी स्नातक संघ मध्यप्रदेश राज्य शाखा द्वारा आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के अंतर्गत फार्मा एवं बायो साइंसेज में एआई संचालित नवाचारः सिकल सेल एनीमिया एवं अन्य रोगों में दवा विकास का नया क्षितिज विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी सहित भारतीय फार्मेसी स्नातक संघ के पदाधिकारी मौजूद थे. राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपने संबोधन में सिकल सेल एनीमिया को करोड़ों लोगों को प्रभावित करने वाली गंभीर आनुवंशिक स्वास्थ्य चुनौती बताया. उन्होंने कहा कि इस रोग से निपटने की सबसे प्रभावी रणनीति समाज की सहभागिता और व्यापक जन-जागरूकता है.
श्री पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2023 में शहडोल से प्रारंभ किए गए राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन के अंतर्गत देश में अब तक 60 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. मध्यप्रदेश में 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लोगों की जाँच हो चुकी है और राज्य डिजिटल कार्ड प्रदान करने में देश में प्रथम स्थान पर है. उन्होंने कहा कि वाहक (ट्रेट) और रोगग्रस्त (डिजीज) दोनों ही श्रेणियों की पहचान आवश्यक है, क्योंकि दोनों वाहक व्यक्तियों के विवाह से सिकल सेल रोगी बच्चों के जन्म की संभावना बढ़ जाती है. कार्यक्रम को दिपेन्द्र सिंह, डॉ. अरूण अग्रवाल, करूणाकर शुक्ला, डॉ. दीपिका पाठक आदि ने संबोधित किया. एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए वैज्ञानिकों, चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया.
समूल उन्मूलन का लक्ष्य
जल संसाधन तुलसीराम सिलावट ने कहा सिकल सेल एनीमिया सबसे बड़ी चुनौती है. इस चुनौती से निपटने के लिए हर संभव प्रयास शुरू किए गए है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्यपाल मंगुभाई पटेल इस चुनौती से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रयासरत है. वर्ष 2047 तक इस बीमारी का समूल उन्मूलन लक्ष्य है, जिसे सामूहिक प्रयासों से प्राप्त किया जाएगा. ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कारगर होंगे.
जागरूकता अत्यंत जरूरी
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए जागरूकता अत्यंत जरूरी है. उन्होंने कहा कि इस बीमारी से निपटने के लिए एआई कारगर होगी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राज्यपाल मंगुभाई पटेल इस बीमारी के उन्मूलन के लिए विशेष रूप से प्रयासरत है. इनके प्रयासों मंय हम सबको सहभागी बनना होगा.
