महू: इंदौर-भोपाल हाईवे पर गुरुवार सुबह सीहोर में दरबार ढाबे के पास हुए एक दर्दनाक हादसे में तेज रफ्तार कार अचानक सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई. इसमें एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई तथा तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. ये सभी रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने भोपाल जा रहे थे. हादसा इतना भीषण था कि कार का आगे का पूरा हिस्सा चकनाचूर हो गया. हादसे का शिकार नीमा परिवार महू का निवासी है.
परिजनों ने बताया कि दो दिन पहले राजस्थान के उदयपुर में सुनील नीमा के साडू भाई के यहां विवाह समारोह का आयोजन था, जिसमें शामिल होने के लिए परिवार के सदस्य कारों के माध्यम से उदयपुर पहुंचे थे. यहां विवाह समारोह संपन्न होने के बाद बुधवार को परिवारजन उदयपुर से इंदौर पहुंचे थे. यहां रात को आराम करने के बाद सुबह-सुबह परिवार के सभी लोग लगभग 4-5 कारों में सवार होकर भोपाल के लिए रवाना हुए थे. इनमें से एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई परिजनों के अनुसार सुबह 6.15 बजे सीहोर से एक्सीडेंट होने की खबर मिलते ही महू से परिवार के सदस्य सीहोर के लिए रवाना हुए. तब तक आगे-पीछे चल रही कारों में सवार परिजन घायलों को अस्पताल लेकर पहुंच चुके थे.
मृतक संध्या नीमा के पुत्र शुभम नीमा भी इस दौरान साथ में ही चल रहे थे, मगर वे दूसरी कार में सवार थे. परिजनों के अनुसार शुभम की पत्नी के मायके भोपाल में आयोजित विवाह समारोह में शामिल होने के लिए सभी परिवार के सदस्य एक साथ उदयपुर से इंदौर होते हुए भोपाल जा रहे थे, मगर सुबह अचानक कोहरे के कारण कार हादसे का शिकार हो गई और खुशियां मातम में बदल गई. अब परिवारजनों को महू लाया जा रहा है और अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है.
कार चालक को कोहरे में नजर नहीं आया ट्रक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे कार ढाबे के पास पहुंची, तभी सड़क किनारे खड़ा ट्रक अचानक सामने आ गया. इस पर कार ड्राइवर संतुलन खो बैठा और कार ट्रक में जा घुसी. टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह मलबे में बदल गया. पुलिस का कहना है कि कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होना और तेज रफ्तार इस हादसे की मुख्य वजह हो सकती है. इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि ट्रक सही तरीके से खड़ा था या नहीं.
हादसे में ये हैं मृतक और घायल
इस भीषण हादसे में कार चालक मृदंग पिता संजू नीमा (28 वर्ष) और उनके साथ बैठी संध्या पति सुनील नीमा (56 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि सुनील नीमा (60 वर्ष), संजय नीमा (45 वर्ष) और मीनल नीमा (40 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए. उन्हें 108 एंबुलेंस से सीहोर के जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद संजय और मीनल को भोपाल रेफर कर दिया गया, जबकि सुनील नेमा सीहोर में ही भर्ती हैं.
