
बालाघाट। शहर से लगी पंचायत मॉयल नगरी भरवेली की सरपंच गीता अनिल बिसेन पंचायत के समीप नीम के पेड़ के नीचे बैठकर पंचायत का काम कर रही है और ग्रामीणों की समस्या और शिकायतों को सुन उसका निराकरण कर रही है। यह मामला उसी पंचायत का है जिसका लोकार्पण प्रदेश के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल के हस्ते किया गया था। इस सारे मामले को लेकर सरपंच गीता अनिल बिसेन ने बताया कि पंचायत कार्यकाल की शुरूआत से ही पंचायत में उपसरपंच और उनके समर्थक पंच गतिरोध बनाए हुए है l बीते दिनो में उन्हें लंबे समय तक आंदोलन कर अधिकारियों के सामने यह मांग रखी कि उन्हें पंचायत में सरपंच की तरह कक्ष दिया जाए। जबकि पंचायत में ना केवल उपसरपंच पंच बल्कि पंचायत के ग्रामीणो के बैठक के लिए हॉल है।
सरपंच ने आगे बताया कि पंचायत में सचिव और पटवारी के लिए अलग कमरे बनाए है, ताकि जनता पंचायत के प्रशासनिक कार्य, सचिव और पटवारी से मिल सके, लेकिन, उन्हें हटाकर, मुझे कमरे देने की जिद पर अड़े उपसरपंच के लिए मैने स्वयं अपने कक्ष को छोड़ दिया और उसमे उपसरपंच को दिए जाने के लिए पंचायत सचिव और सीईओ जनपद को पत्र दिया है। जिसके बाद अब सरपंच पंचायत के पास लगे नीम के पेड़ के नीचे बैठकर क्षेत्र के जनता की समस्या सुनने के साथ ही पंचायत का कार्य कर रही है l
ऐसा मामला जिले में पहला ही होगा, जब सरपंच ने, उपसरपंच के लिए अपना कक्ष छोड़ दिया है। हालांकि इससे लगता नहीं है कि पंचायत में उपसरपंच और उसके समर्थकों के साथ सरपंच का गतिरोध खत्म हो पाएगा l ये सवाल का जवाब तो गर्त में छुपा है l
राजेश बाहेश्वर उपसरपंच ने कहा कि सरपंच का कक्ष नहीं चाहिए, मेरी मांग है कि साढ़े तीन साल से मुझे पंचायत में बैठने और कार्य करने के लिए कोई भी कमरा नहीं दिया गया , वह मुझे दिया जाए। इस बात लेकर मैंने अधिकारियों से बात की है और मेरी यह लड़ाई जारी रहेगी।
