मुंबई, 26 नवंबर (वार्ता) फ़िल्म तुम्बाड के निर्देशक राही अनिल बर्वे की दूसरी फिल्म ‘माया सभा’ का पहला मोशन टीज़र रिलीज़ हो गया है।
माया सभा, बर्वे के प्रयोग, विकास और पुनर्निर्माण की लगभग एक दशक लंबी रचनात्मक यात्रा से उनकी वापसी का प्रतीक है।एक ऐसी यात्रा जिसने इस फिल्म की विशिष्ट भाषा, टोन और रूप को जन्म दिया है।
फिल्म माया सभा न तो ‘तुम्बाड’ जैसी है, और न ही किसी भी अन्य फिल्म जैसी, जिसे आपने पहले कभी देखा हो। माया सभा में दर्शक और चारों पात्र एक साथ यात्रा की शुरुआत करते हैं। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ती है, पात्रों की ओर से किए गए खुलासे और दर्शकों के अनुभव किए गए खुलासे एक-दूसरे से अलग होने लगते हैं। किरदारों को जो झटके लगते हैं, वे कहानी के भीतर उन्हें मिली खोजों से उपजते हैं। दर्शकों को वह सच्चाइयाँ हिला देती हैं जिन्हें पात्र स्वयं नहीं देख पाते। फिर भी फिल्म दर्शकों को अलग-थलग नहीं करती; यह सुनिश्चित करती है कि दर्शकों की भावनात्मक डोर लगातार किरदारों से जुड़ी रहे,और शायद सबसे अनोखा और जोखिम भरा कदम चरमोत्कर्ष में है, जहाँ बर्वे परंपरागत मिस्ट्री-थ्रिलर्स से जुड़े लगभग हर स्थापित नियम को तोड़ते हुए एक बिल्कुल अनसुना रास्ता चुनते हैं।
राही अनिल बर्वे द्वारा निर्देशित माया सभा उनकी प्रशंसित पहली फिल्म तुम्बाड के बाद उनकी बहुप्रतीक्षित वापसी है। अपनी वातावरण-सृजक सिनेमाई भाषा के लिए अलग पहचान रखने वाले बर्वे एक बार फिर मिथक, रहस्य और मनोवैज्ञानिक गहराई को साथ मिलाते हैं। एक ऐसा विजुअल-यूनिवर्स रचते हुए जो फिलोसॉफी, डिटेल और टेंशन से भरा है। उनकी स्टाइल और विकसित हुई है: और अधिक तेज़, और अधिक गहरी, और और भी अधिक डूबो देने वाली।
ज़िरकॉन फ़िल्म्स द्वारा निर्मित, और निर्माता गिरिश पटेल एवं अंकूर जे. सिंह, तथा सह-निर्माता शामराव भगवान यादव, चंदा शामराव यादव, केवल हांडा, और मनीष हांडा द्वारा समर्थित यह फिल्म आने वाले वर्ष की सबसे प्रभावशाली और रहस्यमयी सिनेमाई पेशकशों में से एक बनने की ओर अग्रसर है। फिल्म माया सभा 16 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
