विकसित भारत 2047 के लिए सामूहिक योगदान की जरूरत : राधाकृष्णन

नयी दिल्ली, 26 नवंबर (वार्ता) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने संविधान को जीवंत दस्तावेज और देश की लोकतांत्रिक यात्रा का मार्गदर्शक बताते हुए कहा है कि इसमें नीहित मूल्यों से प्रेरित देश निरंतर प्रगति कर रहा है और अब 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है।

श्री राधाकृष्णन ने बुधवार को यहां दिल्ली विधान सभा में ‘संविधान दिवस’ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश 2015 से 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मना रहा है और संविधान की स्थापना का यह उत्सव अब देश के नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूकता बढ़ाने वाले राष्ट्रव्यापी उत्सव के रूप में विकसित हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है जो मानव इतिहास में एक अद्वितीय उपलब्धि है।

उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें महिला नेतृत्व वाले विकास का उदाहरण बताया और कहा कि विधायकों से 2047 के विकसित भारत के निर्माण के लिए संवाद और बहस को मजबूत करना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने नागरिकों से विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति के सचेत योगदान की आवश्यकता है।

इस मौके पर उन्होंने श्री विट्ठलभाई पटेल के पहले भारतीय अध्यक्ष के रूप में चुने जाने के 100 साल पूरे होने पर भारत की विधायी यात्रा पर एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।

 

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