सीहोर। पकड़े जाने के भय से चोरी का आरोपी अपनी मां के अंतिम संस्कार में भी नहीं पहुंचा, क्योंकि उसे भनक लग गई थी कि पुलिस घात लगाए बैठी है और उसके पहुंचते ही उसे धर दबोच लेगी.
गौरतलब है कि ढाई महीने पहले गणेश मंदिर के पीछे कान्हा स्टेट कालोनी में बदमाशों ने एक सूने आवास को निशाना बनाया और फ्रिज, वॉशिंग मशीन, साइकिल व बाइक ऑटो में रखकर ले गए थे. पुलिस तभी से मामले की छानबीन में लगी थी. बाद में मुख्य आरोपी का फिंगर प्रिंट काम आया और पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंची. आरोपियों को मंडी पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गणेश मंदिर के पीछे कान्हा स्टेट कालोनी निवासी मनोजसिंह पिता स्व. वीरेंद्र बहादुर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 सितंबर की रात अज्ञात चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर स सामान चोरी कर ले गए। शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर थाना मंडी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. फरियादी मुंबई में नौकरी करता है. घर में कोई नहीं रहता था. वह कभी यहां पर आता था. बताया जाता है कि ताला टूटे होने की सूचना पड़ोसियों ने जब दी तो वह सीहोर पहुंचा और यहां आकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने इस मामले में कई मुखबिर लगाए. इस दौरान मौके से फिंगर प्रिंट भी लिए. जब इन्हें आसपास के थानों में भेजा गया तो यह दीप सिंह निवासी शक्ति नगर कालोनी खजूरी सड़क जिला भोपाल के फिंगर प्रिंट से मैच हुए. इससे यह साफ हो गया कि दीप सिंह इस वारदात में शामिल था. आरोपी दीप सिंह के खजूरी और दोराहा थाना में कई मामले दर्ज हैं. इन मामलों में दोनों थानों की पुलिस इसकी 6 महीने से तलाश कर रही थी लेकिन यह पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था. पुलिस ने चोरी गया सामान और इस ऑटो को भी जब्त कर लिया है.
11 दिन तक घात लगाकर इंतजार करती रही पुलिस
इस बीच दीप सिंह की माता का निधन हुआ तो सीहोर मंडी थाना पुलिस शक्ति नगर कालोनी खजूरी सड़क भोपाल पहुंची और आरोपी के घर पर नजर रखी. लगातार 11 दिन तक उसके आने का इंतजार किया लेकिन आरोपी को इसकी भनक लग गई और वह घर पर नहीं आया. बताया जाता है कि इस दौरान पुलिस को पता चला कि इसका यहां पर एक मित्र है जिसे आरोपी दूसरे नंबर से कॉल करता था. जब उस मित्र से पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बात होना स्वीकार किया। इस पर आरोपी की लोकेशन शाहजहानाबाद भोपाल की मिली जहां से पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जब इससे पूछताछ की तो उसने अपने साथी इरशाद खां पिता इकबाल खां निवासी मुकेरी मोहल्ला गंज एवं किशन नामदेव पिता ज्ञानी नामदेव निवासी स्वदेश नगर बस स्टेंड के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया.
