
इंदौर. शहर में बढ़ती ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं के बीच सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पुलिस कमिश्नर ने शहर की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए. बैठक में डिलीवरी एजेंटों की वेरिफिकेशन से लेकर पार्किंग और ट्रैफिक नियमों के पालन तक कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया.
इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने मंगलवार को शहर में संचालित ई-कॉमर्स डिलीवरी प्लेटफॉर्म कंपनियों के प्रतिनिधियों और प्रबंधकों के साथ बैठक आयोजित की. ऑनलाइन सेवाओं के तेजी से बढ़ते नेटवर्क के बीच सुरक्षा और यातायात पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य रहा, बैठक में पुलिस उपायुक्त ज़ोन-02 कुमार प्रतीक, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमरेन्द्र सिंह, एडीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया के साथ जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकइट, ज़ेप्टो, रैपिडो, फ्लिपकार्ट और कई अन्य लॉजिस्टिक्स कंपनियों के स्थानीय अधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान कमिश्नर ने कहा कि ई-कॉमर्स सेवाएं आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी हैं, लेकिन इनकी गतिशीलता जनता की सुरक्षा या यातायात व्यवस्था को प्रभावित नहीं करनी चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्देश्य इन सेवाओं को रोकना नहीं, बल्कि इन्हें व्यवस्थित रूप से शहर के यातायात ढांचे में समाहित करना है.
बॉक्स…
बैठक में पुलिस कमिश्नर ने निम्न प्रमुख निर्देश दिए
ट्रैफिक नियमों का पालन अनिवार्य: सभी डिलीवरी एजेंटों को गति सीमा, हेलमेट और अन्य यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश. डिलीवरी बॉय का पूर्ण सत्यापन: कंपनियां सुनिश्चित करें कि हर एजेंट के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और बीमा मौजूद हो. व्यवस्थित पार्किंग: डिलीवरी हब और प्रमुख पॉइंट्स पर वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग न हो, इसके लिए कंपनियां स्वयं व्यवस्था करें. सुरक्षा प्रशिक्षण: डिलीवरी कर्मियों के लिए नियमित सुरक्षा व ट्रैफिक जागरूकता प्रशिक्षण अनिवार्य किए जाएं. डेटा साझा करने में सहयोग: सुरक्षा संबंधी मामलों में पुलिस को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश. बैठक में मौजूद सभी ई-कॉमर्स कंपनियों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और निर्देशों के पालन की प्रतिबद्धता जताई.
