भोपाल। दिगंबर जैन मंदिर बावडिया कलां में निर्वेग सागर महाराज के सानिध्य का लाभ प्राप्त हो रहा है। संघ में जाग्रत सागर, सविनय सागर एवं समन्वय सागर महाराज भी विद्यमान हैं।
उनके बावड़िया कला प्रवास के दौरान ही उनके संघ में पूज्य ऐलक 105 उपसम सागर महाराज एवं 108 अजय सागर महाराज सम्मिलित हुए। समस्त बावड़िया कलां जैन समाज इस पुण्य प्रसंग के साक्षी बने।
सभी श्रावकों के विशेष अनुग्रह को स्वीकार कर आठ दिवसीय “ॐ सामायिक मंत्र साधना शिविर” का आयोजन की स्वीकृति प्रदान की जिसका लाभ लगभग 125 बहिनों-भाईयों ने प्राप्त किया।
शिविर में सम्मिलित होने वाले सभी बन्धुओं को सामायिक / साधना करने के पूर्व उसके उद्देश्यों के सम्बन्ध में जागरूक रहने की आवश्यकता और उसके महत्व के सम्बन्ध में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सामायिक का उद्देश्य- मन की प्रसन्नता, वचन की प्रशस्तता और तन की स्वस्थता होता है और हमें निरंतर इनकी सिद्धि के प्रति सचेत रहना चाहिए। यदि यह उद्देश्य प्राप्त नहीं हुए हो वस्तुतः हम सामायिक से वांछित लाभ नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं।
